सरायतरीन (संभल)। पवांसा ब्लॉक क्षेत्र के गांव अमावती कुतुबपुर में मंगलवार को ग्रामीणों ने छुट्टा पशुओं को एकत्र कर आयुष्मान स्वास्थ्य मंदिर (स्वास्थ्य केंद्र) में बंद कर दिया। जिसके बाद ग्रामीणों ने विरोध-प्रदर्शन कर छुट्टा पशुओं से निजात दिलाने की मांग उठाई। करीब एक घंटे तक हंगामा किया।
क्षेत्र के गांव अमावती कुतुबपुर के ग्रामीण गांव में घूम रहे 100 से ज्यादा छुट्टा पशुओं से परेशान हैं। छुट्टा पशुओं ने फसलों को बर्बाद कर दिया। किसान 24 घंटे फसलों की रखवाली करने के लिए मजबूर हैं। मंगलवार को गुस्साए ग्रामीणों ने छुट्टा पशुओं को एकत्र कर गांव के आयुष्मान स्वास्थ्य मंदिर (स्वास्थ्य केंद्र) में बंद कर दिया और प्रदर्शन कर समस्या के समाधान की मांग उठाई। छुट्टा पशुओं को आयुष्मान स्वास्थ्य मंदिर (स्वास्थ्य केंद्र) बंद करने की सूचना बीडीओ रिजवान हुसैन को मिली तो उन्होंने प्रधान और सचिव रामौतार गौतम को मौके पर भेजकर पशुओं को बाहर निकलवाया गया। राजबहादुर सिंह ने बताया कि सोमवार को भी पशु बंद किए गए थे। सचिव को इसकी जानकारी दी गई, लेकिन शाम तक कोई सुनवाई नहीं हुई। प्रदर्शन करने वालों में श्योदान सिंह, वीरपाल, राकेश कुमार, सुरेंद्र यादव, वीरेश यादव, जसराम, राजपाल यादव, चंद्रसेन, जितेंद्र यादव, बृजपाल सिंह, दिनेश जाटव आदि रहे।
कोट
प्रधान और पंचायत सचिव को मौके पर भेजकर पशुओं को बाहर निकलवाया गया है। पशुओं को निरयावली में बृहद स्थायी गोआश्रय स्थल का निर्माण होने के बाद संरक्षित कराया जाएगा। किसी भी सरकारी भवन में छुट्टा पशुओं को बंद करने पर कार्रवाई की जाएगी। -रिजवान हुसैन, खंड विकास अधिकारी, पवांसा