वे जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली से नाराज दिखीं।
मतदाताओं ने कहा कि प्रत्याशी मतदाताओं को जाति धर्म के नाम पर, लालच देकर, झूठे वादे कर कुर्सी हथिया लेते हैं। फिर पूरे कार्यकाल में क्षेत्र के विकास की जगह अपना विकास करने में मशगूल हो जाते हैं। ऐसे में नेताओं पर भी अंकुश लगना चाहिए। नेताओं की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। विधायक के लिए क्षेत्र में समस्याओं के निदान के हिसाब से ग्रेडिंग की जाए। ग्रेड के हिसाब से ही विधायकों को सुविधाएं मिलनी चाहिए। क्षेत्र के विकास और जनता की समस्याओं के निदान के आधार पर विधायकों का रिपोर्ट कार्ड तैयार किया जाए। खराब रिपोर्ट कार्ड वालों को दोबारा मौका नहीं दिए जाने का प्रावधान किया जाए।
जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली से नाराज दिखीं मौलागढ़ के विकासनगर की महिलाएं
सुरक्षा, सड़क और प्रकाश व्यवस्था पूरी तरह चौपट है। मोहल्ले में विधायक की लापरवाही के कारण सरकार से भी पिछले पांच वर्षों में कुछ मिल न सका। -रेखा, गृहणी, विकासनगर, चंदौसी।
विकास के लिए गली मोहल्ले तरस रहे हैं। वर्षों पुरानी सड़कें बदहाली बयां कर रही हैं। वर्तमान जनप्रतिनिधियों से पांच साल का हिसाब किताब लेना चाहिए।- धीरज गौर, गृहणी, विकासनगर, चंदौसी।
चुनाव में किए गए वादे पूरे नहीं करने पर जनप्रतिनिधियों को अयोग्य घोषित किया जाए। जिससे राजनीति में छल कपट के दम पर कुर्सी हथियाने वालों को सबक मिले। -रिंकू शर्मा, गृहणी, विकासनगर।
बिजली के बिल आसमान छू रहे हैं। आपूर्ति के नाम पर ब्रेकडाउन की समस्या बनी हुई है। निर्बाध आपूर्ति के लिए पांच साल में कोई सार्थक प्रयास नहीं किया गया। -अमरवती, गृहणी, विकासनगर, चंदौसी।