तहसील क्षेत्र के धनारी गांव में बुधवार को प्रशासन द्वारा जेसीबी की मदद से जिस भूमि से कब्जा हटवाया गया। उस पर किसान यूनियन अपना हक जता रही है। उनका कहना है कि कोर्ट में प्रशासन से जवाब लेंगे। वहीं प्रशासन का कहना है कि वह भूमि पशु चिकित्सालय की है। पौधरोपण कराने के लिए भूमि को खाली कराया गया।
गुन्नौर तहसील क्षेत्र के राजस्व अभिलेखों में धनारी गांव के 318 गाटा संख्या में सरकारी भूमि है। इसमें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, विद्युत उपक्रेंद्र और पशु चिकित्सालय बना है। प्रशासन के अनुसार करीब चार बीघा भूमि पशु चिकित्सालय की है जिसमें से दो बीघा भूमि पर पशु चिकित्सालय बना है बाकी भूमि मौके पर खाली पड़ी है। इस भूमि को किसान यूनियन के पदाधिकारी महेंद्र सिंह टिकैत ट्रस्ट के नाम होने का दावा कर रहे हैं जबकि प्रशासन पूरी तरह इस बात का नकार चुका है। प्रशासन का कहना है कि अस्पताल की भूमि का समतलीकरण कराया गया है। उस पर शासन की मंशा अनुरूप पौध रोपण किया जाएगा। किसान यूनियन का दावा बिल्कुल गलत है। एसडीएम रामकेश धामा ने कहा कि इस भूमि पर व्यक्तिगत कब्जा नहीं किया जा सकता। अगर ग्राम प्रधान चाहें तो इसमें पार्क आदि बनवाया जा सकता है।
भूमि पशुपालन विभाग की है। पौधरोपण के लिए भूमि को खाली कराया गया है। ग्राम प्रधान चाहे तो वहां पंचायत से प्रस्ताव तैयार कराकर पार्क बना सकते हैं।
रामकेश धामा, एसडीएम गुन्नौर
प्रशासन ने धनारी में जहां भूमि को कब्जा मुक्त कराया है। वह बाबा टिकैत ट्रस्ट की 457 वर्गमीटर भूमि हैै। प्रशासन के मुताबिक यदि वह भूमि पशुपालन विभाग की है तो प्रशासन यह बताए कि बाबा टिकैत ट्रस्ट की भूमि कहा है। प्रशासन से इसका जवाब कोर्ट में लिया जाएगा।
विजेंद्र सिंह यादव, प्रदेश प्रमुख महासचिव, भारतीय किसान यूनियन टिकैत