न्यायिक मजिस्ट्रेट पीयूष मूल चंदानी ने सुनवाई करते हुए राजेंद्र को इस केस में दोषी पाया। इसके बाद राजेंद्र को जेल में बिताई अवधि व 1200 रुपये के अर्थ दंड की सजा सुनाई गई। दोनों पक्ष इस मामले को लेकर कोर्ट में 28 साल तक लड़ते रहे।
न्यायिक मजिस्ट्रेट गुन्नौर ने मारपीट कर धारदार हथियार से हमला कर घायल करने वाले आरोपी को जेल में बिताई अवधि और 1200 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। 28 वर्ष बाद न्यायालय ने अपना फैसला सुनाया है। एपीओ रामविलास ने बताया कि गुन्नौर कोतवाली के गांव अजीजपुर घेर निवासी नत्थू सिंह ने अगस्त 1994 में गुन्नौर कोतवाली में एक प्रार्थना पत्र दिया था।
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जिसमें उसने बताया कि गांव के राजेंद्र सिंह ने गाली गलौज करते हुए उसके साथ मारपीट की। उसे धारदार हथियार से मारकर घायल कर दिया। पुलिस ने आरोपी राजेंद्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर आरोप पत्र न्यायिक मजिस्ट्रेट गुन्नौर के न्यायालय में प्रस्तुत किया। इसके बाद से मामला न्यायालय में चल रहा था।
आरोपी ने न्यायालय में अपने अधिवक्ता के माध्यम से जुर्म इकबाल का प्रार्थना पत्र दिया। उसने कहा कि वह बहुत गरीब है और मजदूरी करके अपना जीवन यापन करता है। उसने अपनी उम्र का हवाला भी दिया। न्यायिक मजिस्ट्रेट पीयूष मूल चंदानी ने मामले की सुनवाई करते हुए आरोपी राजेंद्र को दोषी पाया। आरोपी राजेंद्र को जेल में बिताई अवधि व 1200 रुपये के अर्थ दंड की सजा सुनाई।