फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sambhal News: वरुण और सुमित बनना चाहते थे फौजी, बाइक की टक्कर ने तोड़ दिया सपना

विज्ञापन
विज्ञापन
संभल। सड़क हादसे में जान गंवाने वाले दोनों दोस्त वरुण और सुमित फौज में भर्ती होने की बात कहते थे। इसलिए ही वह अभी से तैयारी करने में जुटे थे। गांव के अन्य युवा और किशोर भी हर दिन सुबह में दौड़ लगाने के लिए जाते हैं। वरुण की मां ने रोते हुए बताया कि उनका बेटा पढ़ लिखकर फौजी बनना चाहता था। वह अक्सर कहता था कि वह फौज के लिए तैयारी कर रहा था।
विज्ञापन

वह इकलौता बेटा था और परिवार का लाडला था। गांव के ही इंटर कॉलेज में पढ़ाई कर रहा था। वहीं सुमित यादव के पिता ने बताया कि उनकी पत्नी की मौत हो चुकी है। सुमित इकलौता बेटा था। वह फौज में जाने की बात अक्सर कहता था। इसलिए दौड़ लगाने जाता था। बताया कि पत्नी की मौत के बाद उनकी विधवा पुत्रवधू प्रीति ही मां की तरह की पालन पोषण कर रही थी।
बताया कि उनके बड़े ओमपाल की मौत एक वर्ष पहले हो गई थी। वह अपने पीछे एक बेटे को छोड़ गया था। पुत्रवधू अपने बेटे के साथ देवर की परवरिश कर रही थी। सुमित के पिता ने रोते हुए बताया कि बड़े बेटे की मौत का गम कम नहीं हुआ था कि अब छोटे बेटे की जान चली गई। गांव के लोग भी काफी सदमे में हैं। ग्रामीणों ने कहा कि यदि गांव में कोई मैदान ऐसा होता जहां बच्चे तैयारी कर पाते तो यह हादसा नहीं होता। गांव में मैदान नहीं है और सड़क किनारे दौड़ना खतरनाक है।
विज्ञापन

गांव किसौली, अतरासी, भवन और परतापुर के युवा दौड़ते हैं हर रोज
फोर्स में भर्ती होने की तैयारी गांव किसौली, अतरासी, भवन और परतापुर के युवा कर रहे हैं। हर दिन इन युवाओं के साथ किशोर भी सड़क पर दौड़ते दिखते हैं। यह युवा और किशोर सुबह पांच बजे करीब दौड़ने के लिए निकल जाते हैं। इस समय अंधेरा होता है। मुख्य मार्ग पर दौड़ना खतरनाक होता है। सर्दी के मौसम में खतरा काफी बढ़ जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें