संभल। पवांसा गांव में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शुक्रवार को नसबंदी शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में आसपास के गांव की 48 महिलाएं 11.00 बजे तक पहुंच गई लेकिन रात 8.30 बजे तक 33 महिलाओं की नसबंदी हुई। लंबे इंतजार के बाद 15 महिलाओं की नसबंदी नहीं हो सकी। महिलाओं ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हंगामा किया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपस्थित डॉक्टरों व चिकित्साकर्मियों ने जब महिलाओं को समझाने की कोशिश की महिलाएं गुस्से में आ गईं और डाक्टरों तथा चिकित्साकर्मियों से बहस हुई। उन्होंने खरीं-खरीं सुनाईं और सवाल पूछा कि जब आपरेशन नहीं होने थे तो दिन भर क्यों रोका?गांव कादरपुर निवासी नीरज देवी ने बताया कि सुबह 11.00 बजे से स्वास्थ्य केंद्र पर आए हुए हैं। कई घंटे बीत जाने के बाद भी नसबंदी का कार्य शुरू नहीं किया गया। जब किया गया तो रात तक 33 महिलाओं की ही नसबंदी हुई। बाकी महिलाओं से 8 दिन बाद नसबंदी शिविर लगने की बात कह कर मना कर दिया। जबकि दिन भर हम भूखे प्यासे इंतजार करते रहे। नसबंदी के लिए हमें शाम को मना किया गया। औरंगपुर सिलैटा, बाबई, कादरपुर, कुकैटा, बागड़पुर छाईया, अल्लीपुर बुजुर्ग आदि गांव की 15 महिलाओं की नसबंदी नहीं हो सकी। प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. असद अंसारी ने बताया कि अधिकतर 30 नसबंदी आपरेशन एक दिन में हो सकते हैं पर हमने सर्जन से 33 आपरेशन कराए। उनका दावा था कि महिलाओं को दिन में भी स्पष्ट कर दिया गया था कि 33 रजिस्ट्रेशन हुए हैं और उतने ही आपरेशन होंगे पर महिलाएं उम्मीद में बैठी रहीं। उन्होंने कहा कि फिर भी उन्होंने महिलाओं से कहा है कि जल्दी ही शिविर लगवाएंगे और सबके नसबंदी आपरेशन हो जाएंगे।