क्षेत्र में रविवार को गणेश विसर्जन यात्रा के दौरान सांप्रदायिक तनाव हो गया। दो समुदायों में पथराव शुरू हो गया। दो लोग घायल हो गए। दो वाहन भी क्षतिग्रस्त हुए। इसके बाद कई स्थानों पर मिश्रित आबादी में पथराव होने लगा। पूरा बाजार बंद हो गया। पुलिस प्रशासनिक अधिकारी पहुंच गए।
कई थानों का फोर्स बुला लिया गया। इस्लामनगर चौराहे पर हिंदू संगठनों ने जाम लगा दिया। करीब तीन घंटे में बमुश्किल स्थिति पर नियंत्रण पाया जा सका। बहजोई के नरायन टोला मुहल्ले में श्रीगणेश प्रतिमा स्थापित की गई थी।
रविवार को वाहन में डीजे लगाकर विसर्जन यात्रा की तैयारी की लेकिन दूसरे समुदाय की शिकायत पर पुलिस ने यात्रा को रोक दिया। लोगों ने तय किया कि नए बाजार ऊपरकोट से गणेश प्रतिमा को बिना शोरशराबे के निकाला जाए। काली मंदिर रोड की ओर बढ़े तो वहां टंकी मस्जिद के निकट दूसरे समुदाय के लोगों ने डीसीएम को रोक दिया।
इसी बीच एक पक्ष ने पथराव कर दिया, जिससे डीसीएम के शीशे टूट गए। उसमें बैठी महिला कीर्ति देवी व एक बालक जख्मी हो गया। इसके बाद तो पूरे नगर में दोनों समुदायों के बीच सांप्रदायिक तनाव व्याप्त हो गया। आनन-फानन में बाजार बंद हो गया।
जगह-जगह पथराव शुरू हो गया। छतों से महिलाओं और बच्चों ने भी पथराव करना शुरू कर दिया। सूचना पर अधिकारी मौके पर पहुंचे गए। कई थानों का फोर्स बुला लिया गया। जाम लगा दिया। करीब आधे घंटे के बाद समझा- बुझाकर रास्ता खुलवाया गया।
भगवान श्रीगणेश की प्रतिमा को बज्र वाहन में पुलिस प्रशासनिक अफसरों ने अपनी निगरानी में गंगा तट पर ले जाकर विसर्जन करा दिया।