थाना कुढ़फतेहगढ़ क्षेत्र के गांव में दुष्कर्म की मेडिकल परीक्षण में पुष्टि होने पर रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी पीड़िता 41 दिन तक न्याय के लिए भटकती रही। न्याय नहीं मिलने, आरोपियों की धमकी और पुलिस के समझौते के दबाव के चलते पीड़िता की 24 अगस्त को मौत हो गई। पुलिस थोड़ी भी संवेदनशीलता दिखाती तो उसकी जान बच सकती थी।
थाना कुढ़फतेहगढ़ क्षेत्र के गांव में 12 जुलाई की रात किशोरी से पड़ोस के ही चार युवकों ने सामूहिक दुष्कर्म किया था। पीड़िता ने मां के साथ थाना कुढ़फतेहगढ़ में तहरीर दी, पर पुलिस टहलाती रही। 14 जुलाई को मूल तहरीर को बदलवा दी। 15 जुलाई को मुख्य आरोपी सोवेंद्र निवासी सिसौना थाना रजपुरा के खिलाफ दुष्कर्म और पाक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज किया तथा पीड़िता का दुष्कर्म की पुष्टि के लिए मेडिकल भी कराया था। 15 जुलाई को पीड़िता के साथ दुष्कर्म होने की बात सामने आ गई थी। इसके बाद पुलिस ने 25 जुलाई को पीड़िता के कोर्ट में 164 के बयान दर्ज कराए थे। बयान में पीड़िता ने सोवेंद्र के साथ अपने ही गांव के तीन सगे भाई वीरेश, होलू, जीनेश पर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था।
कोर्ट के बयान और विवेचना के आधार तीनों आरोपियों के नाम सामूहिक दुष्कर्म और पाक्सो एक्ट में शामिल कर लिए गए थे। पीड़ित परिजनों ने 30 जुलाई तक सीओ चंदौसी से मिलकर तीन बार प्रार्थना पत्र दिया। एसपी संभल से 17 अगस्त को मिली थी। पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। 23 अगस्त को डीआईजी मुरादाबाद, आईजी बरेली व मुख्यमंत्री को रजिस्ट्री से शिकायती पत्र दिया था। मुकदमा दर्ज होने पर दुष्कर्म होने की बात सामने आ गई थी, 41 दिन बीत गए थे। पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। आरोपी धमकी देते घूम रहे थे तथा पुलिस भी उनकी बात नहीं सुन रही थी, उलटा आरोपियों के साथ समझौता करने के लिए दबाव बन रही थी। न्याय के लिए भटकती पीड़िता सिस्टम से हार गई। आखिरकार 24 अगस्त को उसकी मौत हो गई।
कुढ़फतेहगढ़ के एसओ के निलंबन के बाद निरीक्षक चंद्रवीर को चार्ज
एसपी चक्रेश मिश्र ने कुढ़फतेहगढ़ थाने का नया प्रभारी निरीक्षक चंद्रवीर सिंह को बनाया है। प्रभारी निरीक्षक चंद्रवीर सिंह वर्तमान में जिले में यूपी-112 के प्रभारी निरीक्षक थे। निरीक्षक चंद्रवीर सिंह ने शुक्रवार की शाम को ही थाना प्रभारी निरीक्षक कुढ़फतेहगढ़ का चार्ज संभाल लिया है।