लेकिन दो देशों के बीच चल रहे झगड़े का हमारे देश की कानून व्यवस्था पर असर पड़ा तो फिर हम बढि़या वाला इलाज करेंगे। कहा कि अलविदा हो या जुमा की नमाज, किसी भी देश के विरोध में कोई पट्टी, स्लोगन या नारा नहीं होना चाहिए।
हम हिंदुस्तानी हैं और सुकून से रहे हैं। जहां विवाद चल रहा है, वह अंतरराष्ट्रीय मुद्दे हैं, वहां के देश जानें और सुलझा लें। कहा कि ईरान के नाम पर देश में कई जगहों पर ऐसी हरकतें हुई हैं। यह बर्दाश्त लायक नहीं है। यहां ईरान के नाम पर यदि छाती पीटी तो बढि़या वाला इलाज कर देंगे।
पुलिस वहां तक इलाज करेगी, जहां पोस्टर, बैनर या स्लोगन छपते हैं। सीओ ने अपील की यह प्यार और सौहार्द का त्योहार है। मिठाई में कोई कड़वाहट न डाल पाए इसका ध्यान रखा जाए। सोशल मीडिया को लेकर कहा कि कुछ लोग इंट्राग्राम पर रील बनाने के चक्कर में खामेनेई को मार दिया आदि बातें कर रहे हैं।
यह नहीं होना चाहिए। एक व्यक्ति इस तरह के खुराफात के लिए काफी होता है। संभल बवाल का जिक्र किया और बोले कि संभल अभी तक भी मुख्य धारा में नहीं आया है। ऐसे में आप लोग विशेष ध्यान दें। किसी भी व्यक्ति को ऐसी चीज नहीं करने दीजिए।
उन्होंने कहा कि नमाज सड़क पर किसी भी हालत में अदा न की जाए। यदि कहीं ऐसा मिला तो मुकदमा लिखा जाएगा। संबंधित को उठाकर एक मिनट में जेल भेज दिया जाएगा। इस दौरान मुस्लिम समुदाय के अनेक लोग मौजूद रहे।