उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की सरगर्मियां तेज हो गई हैं और राजनीतिक दल अपनी तैयारियों में जुट गए हैं। इसी चुनावी माहौल के बीच अमर उजाला की टीम 'सत्ता का संग्राम' अभियान के तहत संभल विधानसभा क्षेत्र पहुंची। टीम ने किसानों, युवाओं और स्थानीय लोगों से आगामी चुनाव के मुद्दों तथा विकास पर बातचीत की।
युवाओं ने रोजगार और शिक्षा पर रखी अपनी बात
संभल के युवाओं ने रोजगार और शिक्षा को प्रमुख मुद्दे के रूप में उठाया। छात्राओं ने महिला सुरक्षा पर भी अपनी चिंता व्यक्त की। बातचीत के दौरान, युवाओं ने संभल में डिग्री कॉलेज की कमी को उजागर किया और ऐसे संस्थानों के निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने यहां तक कि विश्वविद्यालय के निर्माण की भी मांग की।
स्थानीय विधायक के कार्यों पर जनता की प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों ने रोजगार, सड़क और स्वास्थ्य व्यवस्था जैसे मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। कई लोगों ने स्थानीय विधायक के प्रति नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने बताया कि संभल के युवाओं को रोजगार के अवसरों की आवश्यकता है। इसके अतिरिक्त, बसों की व्यवस्था में सुधार और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने की मांग भी की गई।
संभल के किसानों की क्या है मांग
किसानों के साथ बातचीत में खाद-बीज की उपलब्धता और उनसे जुड़ी समस्याओं पर चर्चा हुई। किसानों ने बताया कि सड़क व्यवस्था अच्छी है, लेकिन आलू और गन्ना किसानों ने अपनी विशेष चिंताओं को साझा किया। गन्ने के रेट में वृद्धि की मांग विशेष रूप से उठाई गई।
सरकारी काम के लिए बहजोई जाने की मजबूरी
संभल के निवासियों ने बताया कि जिले का प्रशासनिक मुख्यालय बहजोई में स्थित होने के कारण उन्हें सरकारी कार्यों के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। इससे आवागमन और समय की काफी परेशानी होती है। लोगों ने चिकित्सा, रोजगार और शिक्षा जैसे अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी अपनी राय व्यक्त की और सरकार से शिक्षा क्षेत्र पर अधिक ध्यान देने का आग्रह किया।
संभल के लोगों ने चिकित्सा व्यवस्था पर ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि सरकारी अस्पताल में काफी भीड़ रहती है, लोगों को इलाज के लिए इंतजार करना पड़ता है। यहां सभी सुविधाओं से लैस एक बड़े अस्पताल की जरूरत है। जलभराव भी संभल का एक बड़ा मुद्दा है, जिससे स्थानीय लोगों को काफी जूझना पड़ता है। बारिश होने के बाद कई दिनों तक पानी भर जाता है, इसलिए पानी की निकासी की व्यवस्था करना अत्यंत आवश्यक बताया गया।