बनियाठेर(संभल)। थाना क्षेत्र के अशोकनगर में शुक्रवार की सुबह बेटों का एक अजीबोगरीब मामला देखने को मिला। सात साल पहले अपने पुश्तैनी घर से बेटों द्वारा निकाले जाने पर बनियाठेर के अशोकनगर में अपनी पत्नी व बेटी के साथ रह रहे पिता की हार्ट अटैक से मृत्यु हो गई। मृतक की पत्नी ने मरणोपरांत पिता के शव पर हक जताने आए बेटों से अंतिम संस्कार न करा कर बेटी से पिता को मुखाग्नि दिलाई। मामला पुलिस तक भी पहुंच गया।एसएसआई रोशन सिंह ने बताया कि जनपद बदायूं के इस्लामनगर थाना अंतर्गत गांव कुंवरपुर निवासी विमला देवी और उसके पति महिपाल चौधरी व बेटी सविता को महिपाल के दोनों बेटों ने सात साल पहले पुश्तैनी घर से निकाल दिया था। तब से विमला देवी अपने पति व बेटी के साथ बनियाठेर के अशोकनगर में रह रही हैं। शुक्रवार की सुबह छह बजे विमला देवी के पति की मृत्यु हार्ट अटैक के चलते हो गई।
जब पिता की मृत्यु की सूचना दोनों बेटों गौरव व मुकेश को मिली तो वह अपनी पत्नियों संग जनपद बदायूं के इस्लामनगर थाना अंतर्गत गांव कुंवरपुर से अपने पिता के पार्थिव शरीर को लेने अशोक नगर आ गए। परंतु विमला देवी अपने पति का अंतिम संस्कार चंदौसी स्थित श्मशान भूमि में ही करना चाहती थीं। इसको लेकर मां व दोनों बेटों में तकरार हो गई।
विवाद बढ़ता देख विमला देवी थाना बनियाठेर पहुंचीं। जहां उसने अपने दोनों बेटों के खिलाफ तहरीर देते हुए कार्रवाई की मांग की तथा अपने पति का अंतिम संस्कार अपनी बेटी के हाथों कराने की गुहार लगाई। एसएसआई ने बताया कि पुलिस के समझाने बुझाने के बाद शाम तीन बजे करीब अविवाहित बेटी सविता द्वारा अपने पिता महिपाल सिंह का अंतिम संस्कार चंदौसी के बाईपास स्थित श्मशान घाट पर कर दिया गया।