चंदौसी (संभल)। कोर्ट के आदेश पर मंगलवार को लाल मस्जिद रोड स्थित विवादित भूमि की नापजोख के दौरान दो पक्ष आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों में कहासुनी के बाद जमकर हंगामा हुआ। विवाद की सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को संभाला। मामला दो समुदायों से जुड़ा होने के कारण कोतवाल ने दोनों पक्षों को वार्ता के लिए कोतवाली बुला लिया। काफी देर तक चौकी पर भी हंगामे की स्थिति बनी रही।
लाल मस्जिद रोड स्थित विवादित भूमि को लेकर वर्ष 1980 से आजाद रोड निवासी रामकुमार गुप्ता और संभल गेट निवासी शरीफ के बीच न्यायालय में संपत्ति विवाद चल रहा है। मंगलवार को सिविल डिविजन कोर्ट के आदेश पर कोर्ट अमीन विवादित जमीन की नामजोख करने के लिए वादी पक्ष के अधिवक्ता लव गुप्ता के साथ मौके पर पहुंचे। जानकारी मिलने पर दूसरे पक्ष के लोग भी पहुंच गए। कोर्ट अमीन ने नापजोख की प्रक्रिया शुरू की तो दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। एक पक्ष के लोगों ने वादी पक्ष के अधिवक्ता पर अभद्रता का आरोप लगाते हुए विरोध शुरू कर दिया। मामला दो समुदायों से जुड़ा होने के कारण पुलिस ने दोनों पक्षों को कोतवाली बुला लिया। पुलिस ने दोनों पक्षों से विवादित भूमि से संबंधित दस्तावेज मांगे हैं। वादी पक्ष के अधिवक्ता लव गुप्ता ने बताया कि सिविल डिविजन कोर्ट के आदेश पर कोर्ट अमीन विवादित जगह की नापजोख करने के लिए पहुंचे थे। दूसरे पक्ष के लोगों ने नापजोख का विरोध शुरू कर दिया।
कोतवाल संत कुमार ने बताया कि भूमि को लेकर मामला न्यायालय में विचाराधीन है। मंगलवार को न्यायालय के आदेश पर कोर्ट अमीन को नपत करनी थी। इसकी जानकारी पुलिस को पहले नहीं दी गई थी। दोनों पक्षों से संबंधित कागजात मंगाए गए हैं। दस्तावेजों की जांच करने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
दूसरे पक्ष का जमीन दान में मिलने का दावा
दूसरे पक्ष के गुलाम मोहम्मद ने बताया कि 1970 के आसपास यह जगह भारत फाइनेंस के पास थी। उनका दावा है कि भारत फाइनेंस की ओर से यह भूमि उनके चौकीदार दादा को दान में दी गई थी। इसी आधार पर दूसरे पक्ष ने भूमि पर अपना अधिकार होने की बात कही।