चंदौस(संवाद)। न्यायालय ने गुन्नौर थाना क्षेत्र के वर्ष 2017 में हुए नाबालिग को बहला फुसला कर भगाने के बाद सामूहिक दुष्कर्म करने वाले दो दोषियों को 20-20 वर्ष के कठोर कारावास और 13-13 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश / विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अवधेश कुमार सिंह के न्यायालय में हुई। शासकीय अधिवक्ता पॉक्सो एक्ट नरेंद्र कुमार यादव ने बताया कि थाना गुन्नौर क्षेत्र के एक गांव के रहने वाले पीड़ित पिता ने थाना पुलिस को तहरीर दी थी। इसमें कहा था कि 22 जून 2017 की रात करीब आठ बजे किशनपाल उसकी 14 वर्षीय पुत्री को बहला फुसला कर भगा ले गया। साथ ही उसका साथी सोनू भी था। पुत्री घर से 10 हजार रुपये नकद और सोने-चांदी के जेवर ले गई थी। गांव के पास बाजरा के खेत में किशनपाल और सोनू ने नाबालिग पुत्री से दुष्कर्म किया। पुत्री के साथ दोनों को पकड़ लिया।
पुलिस ने तहरीर के आधार पर किशनपाल और सोनू के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। मुकदमे की विवेचना कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश / विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अवधेश कुमार सिंह के न्यायालय में हुई। न्यायालय ने किशनपाल और सोनू को दोषी करार देते हुए 20-20 वर्ष के कठोर कारावास और 13000-13000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित की जाएगी।