संभल। शहर के दो तीर्थों को संवारने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इनमें पाप मोचन तीर्थ और प्राचीन पिशाच मोचन तीर्थ पर विभिन्न विकास कार्य कराए जाने हैं। प्रदेश सरकार ने पिछले दिनों 1.95 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत करते हुए 97.50 लाख रुपये की किस्त जारी की थी। इसके बाद नगर पालिका द्वारा टेंडर प्रक्रिया कराई जा रही है। ईओ का कहना है कि 15 दिनों में दोनों तीर्थों पर कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
68 तीर्थ और 19 कूपों की नगरी संभल में तीर्थों और कूपों के सौंदर्यीकरण को लेकर नगर पालिका ने प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजे थे। सरकार ने अवस्थित, सांस्कृतिक, धार्मिक, पौराणिक एवं ऐतिहासिक महत्व स्थलों पर अवस्थापना एवं अन्य सुविधाओं के लिए वंदन योजना के तहत दो तीर्थों पर विभिन्न कार्य कराने की स्वीकृति दी थी। इनमें मोहल्ला तिवारी सराय में स्थित प्राचीन देवतीर्थ पाप मोचन तीर्थ एवं मंडी किशनदास सराय में स्थित प्राचीन देवतीर्थ पिशाच मोचन पर कार्य के लिए 1.95 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत हुआ।
किस्त के रूप में 97.50 रुपये का बजट जारी भी किया गया। इसके बाद नगर पालिका की ओर से दोनों तीर्थों पर विकास कार्य कराने के लिए तैयारी शुरू कर दी गई।
ईओ नगर पालिका डॉ. मणिभूषण तिवारी का कहना है कि दोनों तीर्थों पर कार्य कराने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिसमें 10 दिन का समय दिया गया है। 15 दिनों में कार्य शुरू कर देंगे।
00000000
तीर्थों पर यह काम होंगे
संभल। पाप मोचन तीर्थ और पिशाच मोचन तीर्थ पर विभिन्न कार्य कराए जाने हैं। दोनों तीर्थों पर दो हॉल/विश्रामालय का निर्माण होगा। इस कार्य पर 46.75 लाख रुपये खर्च होंगे। 47.91 लाख रुपये से दो शेड बनाए जाएंगे। दो परिक्रमा मार्ग का निर्माण होना है। जिस पर 79.04 लाख रुपये खर्च होंगे। प्रकाश व्यवस्था पर 13.53 लाख रुपये खर्च होंगे। बेंच एवं वाटर कियोस्क पर आठ लाख रुपये का बजट खर्च किया जाएगा। संवाद
000000000
वंदन योजना में ही यमतीर्थ को संवारा गया
संभल। मोहल्ला हल्लू सराय में स्थित यमतीर्थ पर भी वंदन योजना के तहत कार्य कराया गया है। जिस पर 1.18 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। यमतीर्थ पर चारों ओर बाउंड्री बन चुकी हैं। बीच में कुंड का निर्माण करा दिया गया जबकि अंदर चारों तरफ परिक्रमा मार्ग बन चुका है। दो गेट भी बनाए गए हैं। मंदिर का कार्य फिलहाल रुका है क्योंकि मूर्ति दूसरे शहर से आनी है। उसमें समय लग रहा है। मंदिर के ऊपरी हिस्से की बनावट के लिए भी बाहर से सामान आना है। ईओ डॉ. मणिभूषण तिवारी का कहना है कि जैसे ही सामान आएगा तो कार्य शुरू कराते हुए पूर्ण दिया जाएगा। संवाद
000000000
संभल का पिशाचमोचन तीर्थ। संवाद
संभल का पिशाचमोचन तीर्थ। संवाद