संभल। 24 नवंबर 2024 को जामा मस्जिद सर्वे के दौरान हुए बवाल में शामिल दो आरोपियों को नखासा पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा है। आरोपियों ने पत्थरबाजी में शामिल होने की बात कबूल की है। एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई का कहना है कि पकड़े गए आरोपियों में हिंदूपुरा खेड़ा निवासी हसनैन उर्फ रिहान व खग्गू सराय निवासी मोसिन उर्फ मोहसिन शामिल हैं। आरोपी घटना के बाद से अलग-अलग जगह छिपे रहे थे। अब मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तारी की गई है।
एसपी ने बताया कि आरोपियों ने बताया है कि जब उपद्रव हो रहा था तो वह दोनों अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंचे थे और पुलिस पर पत्थरबाजी की थी। बताया कि उपद्रवियों की पहचान बवाल के दौरान ली गई वीडियो और फोटो के आधार पर हुई है। इन दोनों आरोपियाें समेत 62 उपद्रवी जेल भेजे जा चुके हैं। जिसमें चार महिलाएं भी शामिल हैं। बताया कि अब 87 आरोपी ऐसे हैं जो वांछित चल रहे हैं। उनकी तलाश भी की जा रही है। जल्द गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। यदि गिरफ्तार नहीं होते हैं तो गैरजमानती वारंट जारी कराए जाएंगे। उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
450 की फोटो से तलाश की जा रही
24 नवंबर 2024 को बवाल तीन स्थानों पर हुआ था। पहला बवाल जामा मस्जिद के नजदीक हुआ था। जहां पांच लोगों की जान गई थी। दूसरा बवाल नखासा तिराहे पर हुआ था। जहां पुलिस पर पथराव और फायरिंग की थी। इसके बाद हिंदूपुरा खेड़ा में बवाल हुआ था। पुलिस के अधिकारियों पर जानलेवा हमला किया गया था। इन तीनों ही स्थानों पर पुलिस-प्रशासन की ओर से वीडियो बनाया गया था और फोटो भी लिए थे। एसपी ने बताया कि वीडियो और फोटो के आधार पर 450 चेहरे सामने आए हैं। उन चेहरों की तलाश में पुलिस की टीमें काम कर रही हैं।