जनता के मुद्दे हों या खुद की समस्याएं व्यापारी अब शिकायतों के ऑनलाइन पोर्टल का भी इस्तेमाल कर रहे हैं।
खास बात यह है कि मौखिक की गई शिकायतों के स्थान पर ऑनलाइन शिकायतों को ज्यादा तवज्जो भी मिल रही है। क्योंकि, ऑनलाइन की गई शिकायतों पर अधिकारियों की जवाबदेही भी तय हो रही है।
सरायतरीन के हैंडीक्राफ्ट व्यापारी एवं निर्यातक कमल कौशल वार्ष्णेय ने संचार सेवाओं की बदहाली पर संचार मंत्री मनोज सिन्हा के ट्विटर एकाउंट पर ट्वीट किया। संचार मंत्री ने भी ट्वीट करके जवाब दिया। उनकी शिकायत भारत संचार निगम लिमिटेड के मुख्यालय को भेजी गई। वहां से मुरादाबाद मंडल में बीएसएनएल के अधिकारियों के पास शिकायत आ गई है। इसके बाद समस्या का समाधान हुआ लेकिन व्यापारी का अनुभव अच्छा नहीं रहा। कमल कौशल बताते हैं कि उन्हें उस वक्त बड़ा खराब लगा जब एक कर्मचारी ने कहा कि क्या संचार मंत्री आएंगे लाइन ठीक करने। उनका कहना है कि एक तरफ मोदी जी डिजिटल इंडिया की धूम मचाए हैं और दूसरी ओर कर्मचारियों का ऐसा रवैया है।
सर्राफा व्यापारी सुमित रस्तोगी से नगर पालिका को इसलिए उलझन में रहती है क्योंकि वे पालिका की साइट पर ऑनलाइन शिकायतें करते रहते हैं। जब पालिका नहीं सुनती है तो वह जिले के आला अधिकारियों को व्हाट्स एप मैसेज देना नहीं चूकते। उनके मैसेज पर कई बार पालिका को कार्रवाई करनी पड़ी है। हाल में ही जब संभल कोतवाली की पुलिस ने कुछ कांवड़ियों को फर्जी तरीके से निरोधात्मक कार्रवाई में फंसा दिया तो उन्होंने मानवाधिकार आयोग तक भेजा। पुलिस ने सुनवाई की। कांवड़ियों को ािनरोधात्मक कार्रवाई की लिस्ट से हटाया गया।