बारिश थमते ही बीमारी का सीजन शुरू हो गया। सरकारी और निजी अस्पतालों में बड़ी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं। निजी अस्पतालों में मरीजों को भर्ती में करने जगह नहीं हैं। अस्पताल के वार्ड भरे हुए हैं मरीजों के बेड बरामदों में पड़े हैं।
संभल के जिला अस्पताल में एक ही दिन में 675 नए मरीज पहुंचे। जबकि 900 मरीज पुराने पहुंचे। जिला अस्पताल में सोमवार को 1575 मरीजों को दवाएं दी गईं। जिला अस्पताल से मिली जानकारी के मुताबिक ज्यादा वायरल बुखार, मलेरिया, डायरिया, खुजली के मरीज पहुंचे।
इसमें खुजली के 250 मरीज थे। जबकि 100 से अधिक वायरल बुखार के मरीज थे। चालीस बच्चे ऐसे आए जिन्हें डायरिया था। इसके पीछे दूध और मिलावटी खाद्य पदार्थ को चिकित्सकों ने कारण बताया है। चिकित्सकों का कहना है कि तापमान में बदलाव हो रहा है। वातावरण में बीमारी फैलाने वाले वायरस मौजूद हैं और इसी के चलते बीमारी फैल रही है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डा. प्रदीप अग्रवाल ने कहा कि यदि हम सतर्क रहें तो बीमारियों से बचा जा सकता है।
बीमारी से बचाव के लिए ये सावधानी बरतें
खुजली- दिन भर पसीना आने और पसीने में धूल के कड़ लग जाने से संक्रमण होता है। बचाव के लिए पसीना सुखाते रहें और रोजाना साफ सुथरे कपड़े पहने। प्रत्येक दिन नहाएं।
वायरल बुखार- तापमान में ज्यादा उतार चढ़ाव होने की स्थिति में वायरल होता है। बचाव के लिए सामान्य तापमान में रहने का प्रयास करें। घर व आसपास स्वच्छता बनाए रखें। गर्मी से आते ही ठंडा पानी पीलेने, एसी से निकल कर गर्मी में आ जाने से भी वायरस का हमला हो जाता है।
मलेरिया- आसपास और घर के भीतर फैली गंदगी और जलभराव में मच्छर पनपते हैं। बचाव के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करें। साफ सफाई बनाए रखें।
डायरिया- खान-पान अशुद्ध होने पर डायरिया फैलता है। डायरिया से बचाव के लिए साफ स्वच्छ पेयजल का इस्तेमाल करें। ताजा भोजन लें। अगर पानी गंदा है तो उबालकर पीएं।