संभल। प्राचीन तीर्थ श्री वंश गोपाल कल्किधाम बेनीपुर चक में शनिवार की सुबह में भाव और भव्यता का अनुपम दृश्य। भाव ऐसे कि भक्ति के प्रकाश से मन भी जगमग हो उठा। मौका था वंश गोपाल कल्किधाम बेनीपुर चक से कल्कि नगरी संभल के 68 तीर्थ और 19 कूपों की चौबीस कोसीय परिक्रमा के शुभारंभ का। मंदिर प्रांगण से भगवान कल्कि की दिव्य सामूहिक आरती के बाद भक्तों को तिलक लगाकर और धर्म ध्वजा फहराकर परम कल्याणकारी चौबीस कोसीय परिक्रमा के लिए रवाना किया गया। परंपरागत मार्गों से होकर परिक्रमा चंद्रेश्वर तीर्थ पहुंची। यहां रात्रि विश्राम के लिए तीर्थ रुके। 30 अक्तूबर की सुबह में परिक्रमा यहीं से शुरू होकर वंश गोपाल कल्किधाम पहुंचकर संपन्न होगी।
अयोध्या, मथुरा की तरह परम कल्याणकारी कल्कि नगरी संभल के 68 तीर्थ और 19 कूपों की चौबीस कोसीय परिक्रमा का शनिवार की भोर में वंश गोपाल तीर्थ से विधिवत शुभारंभ किया गया। चौबीस कोसीय संभल तीर्थ परिक्रमा को लेकर लोगों में कितना उत्साह था, इसका नजारा शुक्रवार की शाम से ही दिखने लगा था। रात होते-होते प्राचीन तीर्थ श्री वंश गोपाल कल्किधाम बेनीपुर चक में दूरदराज से पहुंचे तीर्थ यात्रियों के सैलाब से तीर्थ परिसर जगमग हो उठा। रात भर भजन कीर्तन का दौर चला। भक्तों ने मंदिर परिसर में बने पंडाल के नीचे भजन कीर्तन किया। सुबह तीन बजते ही भक्तों ने स्नान शुरू कर दिया।
पूजा अर्चना के बाद चार बजे मंदिर के महंत स्वामी भगवत प्रिय महाराज के साथ पूर्व एमएलसी भारत सिंह यादव, कांग्रेस के जिलाध्यक्ष विजय शर्मा, संभल ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि कुलदीप चाहल आदि ने भगवान श्री कल्कि की दिव्य सामूहिक आरती में भाग लिया। अतिथियों ने श्रद्धालुओं को तिलक लगाकर और झंडा लहराकर परिक्रमा का शुभारंभ किया। परिक्रमा फेरी माता वाली मिलक, बादल गुबंद, नाहरठेर, खानपुर खुम्मार, फिरोजपुर, क्षेमनाथ तीर्थ होते हुए चंद्रेश्वर महादेव मंदिर चंदायन पहुंची। यहां रात्रि विश्राम के लिए तीर्थ यात्री रुके। अगले दिन यानि 30 अक्तूबर रविवार को फेरी यहीं से शुरू होकर नियत मार्गों से होते हुए वंश गोपाल तीर्थ पहुंचकर संपन्न होगी। इस अवसर पर मेला लगेगा और विशाल भंडारा होगा। मुख्य रूप से आरएसएस के विभाग कार्यवाह छत्रपाल, भाजपा के पश्चिमी क्षेत्र उपाध्यक्ष राजेश सिंघल, हरेंद्र सिंह, खिलेंद्र सिंह चाहल, बाबा लोकतंत्र रक्षक सेेनानी महीपाल सिंह, दुष्यंत शास्त्री, संजय गुप्ता पोली, मनीष रस्तोगी, कमलकांत तिवारी, डा. यूसी सक्सेना आदि मौजूद रहे।
जगह-जगह तीर्थ यात्रियों का स्वागत, पुलिस ने बांटे फल
चौबीस कोसीय परिक्रमा में शामिल तीर्थ यात्रियों का जगह-जगह स्वागत किया गया। तीर्थ यात्रियों के लिए समाजसेवी लोगों की ओर से जलपान की व्यवस्था की गई। बादल गुबंद पर ब्लाक प्रमुख की ओर से सेवा शिविर लगा। फिरोजपुर में जीतपाल यादव की ओर से सेवा शिविर लगाया गया। क्षेमनाथ तीर्थ पर परिक्रमा में शामिल लोगों ने पूजा अर्चना की। फिर मार्ग पर आगे बढ़े। भवानीपुर पुल पर कोतवाल ओमकार सिंह ने पुलिस कर्मियों के साथ श्रद्धालुओं को केले वितरित किए। वहीं, एसआरएस वर्ल्ड स्कूल तिगरी की ओर से जलपान की व्यवस्था की गई। कुलदीप सिंह, प्रेम सिंह आदि रहे।
जय श्री कल्कि के घोष से गूंजा परिक्रमा मार्ग
चौबीस कोसीय परिक्रमा में शामिल भक्त यूं तो अपनी मंजिल की ओर तेजी से बढ़ रहे थे। लेकिन परिक्रमा में भक्तों की भीड़ और भगवान श्री कल्कि के जयघोष ने लोगों का मन मोहा। परिक्रमा में कुछ ऐसे तीर्थ यात्री भी शामिल थे, जिनका जज्बा देखने लायक था।
थके तो कुछ देर के लिए रुके भी तीर्थ यात्री
परिक्रमा में शामिल तीर्थ यात्री थक गए तो कुछ देर के लिए आराम के लिए जहां के तहां रुक भी गए। वंश गोपाल तीर्थ से शुरू होने के बाद क्षेमनाथ तीर्थ तक उनमें जज्बा कम नहीं हुआ लेकिन इससे ज्यादा चले तो कुछ थकान महसूस हुई, जिसके बाद वह जहां के तहां रुक गए। क्षेमनाथ तीर्थ से चंद्रेश्वर महादेव मंदिर चंदायन तक कई जगह तीर्थ यात्री आराम करते दिखाई दिए। कुछ देर आराम के बाद आगे बढ़ गए।
एसडीएम और सीओ ने लिया जायजा
चौबीस कोसीय परिक्रमा में श्रद्धालुओं की संख्या हजारों में होने के चलते पुलिस प्रशासन के अधिकारी खुद ही सुबह में ही भ्रमण पर निकल गए। वैसे तो जगह-जगह पर्याप्त पुलिस बल लगाया गया और थाना प्रभारियों को भ्रमण पर रहने के निर्देश दिए गए। लेकिन इसके बावजूद एसडीएम विनय कुमार मिश्र और पुलिस क्षेत्राधिकारी जितेंद्र सिंह भी भ्रमण पर निकले। वंश गोपाल तीर्थ के अलावा रास्तों में कई जगह भ्रमण किया। चंद्रेश्वर तीर्थ चंदायन में भी पहुंचकर व्यवस्थाएं देखीं। मातहतों को जरूरी दिशा निर्देश दिए।