संभल। गंगा एक्सप्रेसवे पर लगातार हो रहे हादसों के बाद बहजोई स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में पांच बेड की ट्रॉमा और एफआरयू (फर्स्ट रेफरल यूनिट) शुरू कर दी गई। इससे घायलों को गोल्डन ऑवर में ही बेहतर इलाज मिल सकेगा।
सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मनमोहन शर्मा ने बताया कि यूनिट के लिए सबसे पहले राज्य बजट से पुरानी इमारत का जीर्णोद्धार कराया गया। 14 जुलाई को डीएम और सीएमओ के आदेशों के बाद ऑर्थोपैडिक सर्जन समेत 10 नए चिकित्साकर्मी भी तैनात किए गए, ताकि घायलों के इलाज में कोई कमी न रहने पाए। ऑक्सीजन कन्सन्ट्रेटर, मॉनिटर, ईसीजी से यूनिट को सुसज्जित किया गया है। घायलों व मरीजों को तत्काल अस्पताल लाने के लिए 108, 102 और एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस की सुविधा 24 घंटे अलर्ट मोड पर रखी गई है।
डॉ. मनमोहन शर्मा ने बताया कि घायलों को अब त्वरित प्राथमिक उपचार से राहत दी जा सकेगी। ट्रॉमा यूनिट के शुरू होने से पंवासा, रजपुरा, गुन्नौर, जुनावई, बहजोई और संभल की बड़ी आबादी को लाभ मिलेगा।
बहजोई की ट्रॉमा यूनिट के शुरू होने से गंगा एक्सप्रेस-वे पर होने वाले हादसों में घायलों को ''''गोल्डन ऑवर'''' में तत्काल इलाज मिल सकेगा। अब आपात स्थिति में बड़े अस्पतालों में रेफर करने की आवश्यकता कम होगी। बहजोई में ही विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा तुरंत प्राथमिक उपचार देकर घायलों को राहत दी जा सकेगी। इससे आसपास के कई ब्लॉकों की बड़ी आबादी को सीधा और त्वरित लाभ मिलेगा।
– अंकित खंडेलवाल, जिलाधिकारी, संभल