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ब्रांडेड वस्तुओं पर पांच प्रतिशत जीएसटी बढ़ाने के विरोध में व्यापारी में रोष

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चंदौसी। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने प्रधानमंत्री व वित्त मंत्री को संबोधित ज्ञापन वाणिज्य कर के डिप्टी कमिश्नर को सौंपा। जिसमें कहा गया है कि ब्रांडेड वस्तुओं पर जीएसटी काउंसल ने जो पांच प्रतिशत जीएसटी लगाई है, उसको खत्म किया जाए। व्यापारियों का कहना है कि 2020 व 2021 वर्ष पूरी तरह कोरोना की चपेट में था। जिससे व्यापारियों के अलावा आम जनता भी त्रस्त थी। कोरोना से भारत के साथ-साथ दुनिया की अर्थव्यवस्था पटरी से उतर चुकी है। जबरदस्त मंदी का दौर है, जिसका असर उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है। कई देश दिवालिया की कगार पर हैं। श्रीलंका इसका उदाहरण है। ऐसे में सरकार द्वारा खाने-पीने की वस्तुओं पर पांच प्रतिशत जीएसटी लगाए जाने के आदेश से उपभोक्ताओं का शोषण हो रहा है। सरकार द्वारा पांच व दस रुपये की वस्तुओं पर जीएसटी लगाने पर निम्न वर्गीय उपभोक्ता का अधिकतम शोषण होगा। इससे महंगाई बढ़ेगी, सरकार द्वारा इन वस्तुओं पर पहले कोई उत्पादन टैक्स नहीं था। इससे महंगाई के साथ-साथ देश में अराजकता बढ़ेगी। छोटे ब्रांडेड वस्तुओं पर टैक्स लगने से खुदरा व्यापारी का उत्पीड़न होगा, इससे स्पेक्टर राज को बढ़ावा मिलेगा। जिसका हमारा व्यापार मंडल विरोध करेगा। ज्ञापन देने वालों में प्रेम ग्रोवर, शाह आलम मंसूरी, विकास मिश्रा, उमेश वार्ष्णेय, मोहम्मद राशिद, अमन अग्रवाल, सुभाष पाल, सुशांत मित्तल, राजू चड्डा आदि मौजूद रहे।
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