संभल। नगर के मोहल्ला आलम सराय स्थित कांग्रेस कार्यालय पर बैठक हुई। इसमें अल्पसंख्यक कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष मोहम्मद अहमद ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया है। कहा कि आज ही के दिन 19 जुलाई 1969 को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया गया था। बताया कि मौजूदा समय में केंद्र सरकार सरकारी बैंकों के निजीकरण के लिए मानसून सत्र में बैंकिंग कानून संशोधन विधेयक लाने जा रही है। इससे देश बर्बाद हो जाएगा।
मोहम्मद अहमद ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा बैंकों का राष्ट्रीयकरण खत्म करके निजीकरण इसलिए करना चाहते हैं कि बैंकों के निजी मालिक आसानी पैसा लेकर भाग जाएं। बताया कि मोदी सरकार सरकारी बैंकों के लिए बैंकिंग कानून संशोधन विधेयक लाने जा रही है। जिसके पास होने के बाद इन बैंकों में सरकार का शेयर 51 प्रतिशत से घट कर 26 प्रतिशत हो जाएगा। जिससे इन बैंकों में जमा जनता का पैसा एक तरह से निजी उद्योगपतियों का हो जाएगा। इंदिरा गांधी ने 1969 में 19 जुलाई को बैंकों का राष्ट्रीयकरण कर निजी बैंकों के लाभ को राष्ट्र के विकास में लगाने और उनको जनता के प्रति जवाबदेह बनाने के लिए उनमें सरकार की हिस्सेदारी 51 प्रतिशत रखी थी। जिससे बैंक जनता के नियंत्रण में रहें। लेकिन अब केंद्र सरकार इन बैंकों में सरकार की हिस्सेदारी 26 प्रतिशत करने और अगले कुछ सालों में पूरी तरह खत्म कर देने के लिए कानून ला रही है। बताया कि अल्पसंख्यक कांग्रेस इस कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेगी। इस दौरान आरिफ खान तनवीर, सलाउद्दीन सैफी, हाजी अशरफ अंसारी, मोहम्मद इब्राहिम, तौकीर अहमद, सरफराज अहमद, नासिर हुसैन सैफी आदि ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के चित्र के सम्मुख माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।