झमाझम बारिश कुछ लोगों के लिए कहर बन गई है। असमोली क्षेत्र में बारिश से आठ मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसमें किसी की दीवार ढही है, तो किसी की छत। पीड़ितों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है।
असमोली क्षेत्र के गांव हरसिंहपुर गांव निवासी अतीक हुसैन का 12 साल पुराना मकान था। मकान के पीछे खेत है। आरोप है कि खेत स्वामी ने अधिक गहराई तक मिट्टी उठवा दी। इससे मकान की नींव कमजोर हो गई। गुरुवार की शाम को खेत की तरफ वाली दीवार ढहने लगी।
दीवार को ढहता देख परिवार के लोग आनन फानन में घर से निकल गए। वहीं, पूरा मकान चटक गया। मलबे से करीब डेढ़ लाख रुपये का सामान नष्ट हो गया। प्रधान पति जुम्मा खां ने बताया कि घटना की जानकारी प्रशासन को दी गई है। असमोली के ही बेला गांव निवासी सोमपाल की पशुशाला की दीवार गिर गई।
जोरदार आवाज आने पर घर में सो रहे परिजनों की आंख खुल गई। दीवार को देखने गए ही थे कि मकान भी तेज आवाज के साथ गिर गया। खाने-पीने का सामान, कपड़े, बर्तन व अन्य घरेलू सामान दबकर खराब हो गया। पीड़िता ने ग्राम प्रधान पर जल निकासी की व्यवस्था नहीं कराने का आरोप लगाया है।
उसका कहना है जलभराव के कारण मकान गिर गया। इस मामले में पुलिस को तहरीर दी है। वहीं, खासपुर गांव निवासी गजेंद्र सिंह के मकान की बारिश में छत गिर गई। इसमें कपड़े, बर्तन, अनाज व अन्य सामान दबकर नष्ट हो गया। पीड़ित के अनुसार करीब एक लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
प्रशासन से मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है। टांडा कोठी में पांच लोगों के घरों की दीवारें गिरीं हैं। इसमें सिराज, मोहम्मद इकबाल, मोहम्मद इश्तयाक, हशमत अली, निजारूल के मकान की दीवारें गिरी हैं। दीवारों के गिरने से काफी नुकसान हुआ है।