धनारी (संभल)। गांव गढ़ा रफेउद्दीन (50) ने भाई और भतीजे को मुकदमे में फंसाने के लिए बेटे अहसान से खुद को गोली लगवाई थी। योजना के तहत दूसरे बेटे ने अपने चाचा और चचेरे भाई के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया। शनिवार को पुलिस ने घटना का खुलासा करते हुए आरोपी अहसान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
प्रभारी निरीक्षक नरेश कुमार ने बताया कि गांव गढ़ा निवासी रफेउद्दीन और जमील सगे भाई हैं। 31 दिसंबर 2022 को दोनों में खेत में ट्रैक्टर खड़ा करने को लेकर विवाद हुआ था। जिसके बाद जमील ने भाई रफेउद्दीन और भतीजे अहसान व इरशाद के खिलाफ मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मुकदमा कोर्ट में विचाराधीन है। रफेउद्दीन मामले में फैसला करने के लिए भाई जमील पर लगातार दबाव बना था। जबकि जमील फैसले के एवज में पांच लाख रुपये की मांग कर रहा था। पैसे न देने पर दोनों के बीच फैसला नहीं हो पाया। जिसके बाद रफेउद्दीन ने बेटे अहसान के साथ मिलकर जमील पर झूठा मुकदमा लिखवाने का षड्यंत्र रचा। बृहस्पतिवार को तारीख से लौटने के बाद रफेउद्दीन ने बेटे अहसान से अपने पेट में गोली लगवाई। इसके बाद अहसान ने शोर मचाते हुए पुलिस को सूचना दी। साथ ही रफेउद्दीन को इलाज के लिए बहजोई अस्पताल ले गए। जबकि दूसरे बेटे इरशाद ने जमील और उसके बेटे दानिश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस शुरुआत से ही घटना को संदिग्ध मान रही है। रफेउद्दीन और उसके बेटे के बयानों में विरोधाभास होने से पुलिस का शक और गहरा गया। पुलिस ने मोबाइल लोकेशन और सीसीटीवी कैमरे की भी मदद ली। साथ ही रफेउद्दीन के बेटे अहसान से सख्ती से पूछताछ की तो उसने घटना कबूल कर ली। पुलिस ने आरोपी अहसान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। साथ ही उससे घटना में प्रयुक्त तमंचा भी बरामद कर लिया।