जिलाधिकारी एनके सिंह चौहान ने मंगलवार को गुन्नौर व बबराला नगर पंचायत का निरीक्षण किया। गुन्नौर में कार्यालय के सामने ही नाली में गंदगी पाए जाने पर अधिशासी अधिकारी से नाली सफाई कराई। इस दौरान एक दर्शक ने तालियां बजा दी तो उसे कुछ देर कोतवाली में बितानी पड़ी। वहीं एक लिपिक का वेतन रोक दिया गया?
जिलाधिकारी एनके सिंह चौहान मंगलवार को सुबह दस बजे अधिकारियों कर्मचारियों की उपस्थिति चेक करने के उद्देश्य से सुबह 10.20 बजे बबराला नगर पंचायत पहुंचे। यहां सिर्फ एक लिपिक सत्यराम मिला। जबकि कार्यालय के सभी पंखे व लाइटें चल रही थी। इसे बिजली का अपव्यय मानते हुए उसके वेतन से पांच सौ रुपये काटने तथा नदारद मिले दूसरे लिपिक रामदास का अग्रिम आदेशों तक वेतन रोकने के निर्देश दिए। इसके बाद जिलाधिकारी गुन्नौर नगर पंचायत पहुंचे।
यहां कर्मचारी व ईओ तो मिले लेकिन कार्यालय के सामने ही नाली में गंदगी देखकर भड़क गए। नाराजगी व्यक्त की तो ईओ रामआसरे ने सफाई के लिए कर्मचारी को बुलाना चाहा लेकिन डीएम ने ईओ से ही सफाई करने को कहा।
ईओ ने हाथों से कुछ गत्ते, दोने आदि उठाने शुरू कर दिए। यह देख एक दर्शक ने ताली बजा दी। तो उसे कोतवाली भेज दिया गया, हालांकि कुछ देर बाद उसे छोड़ दिया गया। तहसील व बीआरसी कार्यालय का भी निरीक्षण कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। एसडीएम को निर्देशित किया कि वह उतने की मुकदमें सुनवाई के लिए लगाएं, जिनकी सुनवाई कर सके। बिना किसी बजह वादकारियों को तारीखों पर न दौड़ाया जाए।