चंदौसी में काटा गया रेल ट्रैक।
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ट्रैकमैन रमेश ने बताया कि रात में करीब 12:15 बजे ट्रैक की पेट्रोलिंग करते हुए गुमथल की ओर गए थे। मंगलवार को अल सुबह 3:16 बजे लौटे तो मोहम्मद गंज के पुल संख्या 46 पर पटरी कटी हुई मिली। तत्काल स्थानीय रेल प्रशासन को सूचना दी गई। पेट्रोलिंग के दौरान ट्रैक मैन की सूचना पर आला अधिकारियों ने मौका मुआयना किया है। उच्चाधिकारियों ने तथ्य जुटाए। अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए रेल इंटेलीजेंस, पुलिस क्राइम ब्रांच, एलआईयू समेत थाना पुलिस, रेलवे पुलिस, जीआरपी को लगाया गया है।
आश्ांका व्यक्त की जा रही है कि चंडीगढ़-लखनऊ एक्सप्रेस तो निशाने पर नहीं थी? बताते चलें थाना बनियाठेर क्षेत्र के गांव अजीमगंज के निकट नौ फरवरी को पटरी काटकर लिंक एक्सप्रेस को निशाना बनाया गया था। हांलाकि ट्रैक मैन की सर्तकता के चलते रेल हादसा टल गया था। ठीक छह दिन के बाद चंदौसी-मुरादाबाद रेलवे ट्रैक पर थाना बनियाठेर क्षेत्र के गांव मोहम्मद गंज के नजदीक पुल संख्या 46 पर करीब 32 एमएम पटरी काटी गई है।
पटरी काटने के बाद 15012-चंडीगढ़-लखनऊ एक्सप्रेस गुजरनी थी। ट्रैक मैन की सूचना के बाद रेलवे के स्थानीय प्रशासन ने ट्रेन को रोक दिया। सुबह साढ़े पांच बजे कॉसन देकर ट्रेन को गुजारा गया। ट्रैक मैन की सर्तकता से रेल का बड़ा हादसा होते होते टल गया।
पुलिस अधीक्षक बालेंदु भूषण सिंह, सीनियर सेक्शन इंजीनियर केएल मीना, सीआईबी इंस्पेक्टर सीपी सिंह, सीओ सुरेश बाबू यादव, आरपीएफ इंस्पेक्टर माता बदल रावत, जीआरपी समेत क्राइम ब्रांच और एलआईयू ने मौका मुआयना किया है। थानाध्यक्ष बनियाठेर रामपाल सिंह ने बताया है कि अवर अभियंता नितेश कुमार की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।