चंदौसी। न्यायालय ने थाना हयातनगर क्षेत्र में वर्ष 2018 के किशोरी से छेड़खानी के मामले में एक दोषी को तीन वर्ष के कारावास और 5000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। मुकदमे की सुनवाई विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) / अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में हुई।
विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि थाना हयातनगर क्षेत्र के एक गांव की महिला ने थाना पुलिस को तहरीर दी थी। इसमें महिला का कहना था कि 15 अगस्त 2018 की शाम पांच बजे करीब उसकी 16 वर्षीय पुत्री घेर पर पशुओं को चारा डाल रही थी। उसी समय आरोपी ताराचंद निवासी ग्राम पौरोरा थाना रहटा जनपद अमरोहा घेर में आया और पुत्री को बुरी नीयत से दबोच लिया। छीना झपटी में उसकी पुत्री नीचे गिर गई तो युवक ने पिटाई शुरू कर दी। पुत्री के चीखने चिल्लाने पर वह दौड़ कर मौके पर पहुंची और आसपास मौजूद लोगों की मदद से पुत्री को किसी तरह बचाया।
गांव के लोगों ने रिपोर्ट दर्ज कराने से रोक दिया था। जबकि उसके नाबालिग बेटों के खिलाफ झूठी रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस ने रामचंद के खिलाफ छेड़छाड़ और पॉक्सो एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली। विवेचना के बाद न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल कर दिया।
मुकदमे की सुनवाई विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट)/अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अवधेश कुमार सिंह के न्यायालय में हुई। न्यायालय ने ताराचंद को दोषी करार देते हुए तीन वर्ष के कारावास और 5000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर 15 दिन का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।