सिसौना डांडा गंगा घाट पर तीन महिलाओं के बहने के बाद मौके पर स्थानीय गोताखोर तलाश करते हुए।
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संभल। सगे भाई की शादी की अगली सुबह मढ़े की रस्म पर गंगा स्नान को गईं दो सगी बहनें और उनकी एक ननद गंगा में उस समय बह गईं जब यह तीनों अपने पतियों को डूबने से बचाने के लिए गंगा में उतरीं। तीनों के पति तो बच गए पर वे तीनों महिलाएं गंगा की लहरों में दूर तक बह गईं और कई घंटे बाद भी नहीं मिलीं। उन्हें तलाशने के लिए गोताखोर और पीएसी की मोटरबोट देर शाम तक गंगा में लगी रही। यह घटना संभल जिले के रजपुरा थाना क्षेत्र के सिसौना डांडा स्थित गंगा घाट पर हुई।
रजपुरा थाना क्षेत्र स्थित डुप्टाकला गांव निवासी खेमचंद्र के बेटे चमन की रविवार को शादी हुई। बरात देर रात लौटी थी और सोमवार की सुबह मढ़े की रस्म पर गंगा स्नान के लिए लोगों का मन बना तो परिवार के कुछ सदस्य और रिश्तेदार तैयार हो गए। बच्चों को लेकर ट्रैक्टर ट्राली पर बैठे और सिसौना डांडा स्थित गंगा घाट पर पहुंच गए। सिसौना डांडा में दोपहर करीब 1.00 बजे कामिनी (22) पत्नी दिनेश निवासी गवां, सुनीता (30) पत्नी बंटी निवासी आदमपुर अमरोहा, मीनाक्षी (28) पत्नी रामबहादुर नरौली गंगा नदी की तेज लहरों में उस वक्त बह गईं जब उनके पति गंगा स्नान कर रहे थे।
कामिनी का पति दिनेश नहाते-नहाते गहरे पानी की ओर चला गया। उसके डूबने का खतरा देखा तो सुनीता का पति बंटी ने उसका हाथ पकड़ा और बचाने लगा। मीनाक्षी के पति रामबहादुर ने बंटी को पकड़ा। तीनों एक दूसरे को बचाने लगे। तभी गंगा स्नान कर घाट की ओर जा रही इन तीनों की पत्नियों की नजर उनकी ओर पड़ी। रामबहादुर ने बताया कि मीनाक्षी ने उसका हाथ पकड़ा पर उसके बाद गंगा लहरों में कौन कहां गया हमें नहीं पता।
कुछ देर गोते लगाने के बाद हम तो बाहर आ गए पर हमें बचाने उतरीं महिलाएं बाहर नहीं आ सकीं। घटना के वक्त घाट पर बैठे रामबहादुर के रिश्तेदार जयवीर ने बताया कि पतियों के सामने कुछ ही पलों में तीनों पत्नियों को गंगा की लहरें उन्हें दूर तक बहा ले गईं।
उसने शोर मचाया तो आसपास के लोग आए लेकिन कोई तैराक नहीं था। न ही घाट पर कोई गोताखोर था। इसके बाद पुलिस को खबर दी गई। रजपुरा की पुलिस आई। पीएसी की बाढ़ नियंत्रण टोली को खबर दी गई। पीएसी के जवान मोटरबोट लेकर पहुंचे। पीएसी के जवान और स्थानीय गोताखोर तीनों को तलाश रहे लेकिन उनका पता नहीं चल पाया।