चंदौसी। नरौली एवं पंवासा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र में पिछले चौबीस घंटे में तीन लोगों की बुखार से मौत हो गई जिससे लोगों में दहशत है। कई गांवों में सैकड़ों लोग बीमार हैं। राजकीय चिकित्सालय डाक्टरों की कमी से लोगों को दिक्कत हो रही है।
नरौली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र के अकरौली गांव निवासी शेर सिंह उर्फ भूरा मौर्य को पिछले कई दिनों से बुखार आ रहा था। शुरुआत में वह गांव के झोलाछाप डाक्टरों से इलाज कराया। हालत बिगड़ते देख परिजन उसे चंदौसी के एक निजी चिकित्सालय ले गए। जहां तीन दिन में कई अस्पताल बदले लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ। प्लेटलेट्स गिरती देखकर डाक्टरों ने उसे डेंगू की आशंका जताई। शनिवार की रात करीब 10 बजे करीब शेर सिंह उर्फ भूरा मौर्य को मुरादाबाद के एक निजी चिकित्सालय में ले जाया गया। जहां मध्यरात्रि को उसकी मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि उसकी प्लेटलेट्स गिरने के कारण डाक्टरों ने जांच भी की थी, डेंगू की आशंका जताई थी। उसकी शादी तीन साल पहले ही काशीपुर के सुल्तानपुर पट्टी नामक गांव की युवती से हुई थी। अभी कोई संतान भी नहीं है। हिमाचल प्रदेश में मजदूरी करता था। रक्षाबंधन पर अपने गांव लौटा था।
इधर पंवासा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र के अहमद नगर थरेसा गांव निवासी ओमकार के आठ साल के पुत्र को भी दो दिन पहले बुखार आया था।
परिजनों के अनुसार राजकीय चिकित्सालय से दवाई ली लेकिन दो गोली देकर घर भेज दिया। शनिवार की शाम को ही उसकी मौत हो गई। इसी गांव में अमर सिंह की सोलह साल की बेटी अनीता को भी तीन दिन पहले बुखार आया था, उसे भी राजकीय चिकित्सालय से दवाई दिलाई गई थी, लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ। रविवार की शाम करीब चार बजे अनीता की भी मौत हो गई जिससे परिजनों में कोहराम मच गया। साथ ही गांव में दहशत है। क्योंकि गांव के रेखा, आकाश, विनोद, एमन, नीरज को भी बुखार होने के बाद निजी चिकित्सालयों में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा अहमदनगर थरेसा, पड़ोसी गांव थरेसा जय सिंह व मंगलपुर आदि में करीब तीन सौ से अधिक लोग बुखार से पीड़ित हैं। बनियाठेर क्षेत्र में अब तक दो, कुड़ फतेहगढ़ क्षेत्र में अब तक तेरह मौतें बुखार से हो चुकी हैं।