संभल। जनपद में कुत्ते काटने के आंकड़ों में राष्ट्रीय रैबीज कंट्रोल कार्यक्रम कमी लाएगा। इसके तहत स्वास्थ्य विभाग और पशुपालन विभाग एक दूसरे के सहयोग से कार्य करेंगे। सरकारी अस्पतालों में एंटी रैबीज वैक्सीन लगाने के दौरान अब न सिर्फ डाटा सुरक्षित रखा जाएगा, बल्कि एक कार्ड भी बनाकर दिया जाएगा। जिसमें वैक्सीन की डिटेल के साथ आगे टीका कब लगना है, इसकी जानकारी भरी जाएगी। जिला सर्विलांस अधिकारी डाॅ.मनोज चौधरी को इसके लिए दो दिन की ट्रेनिंग दी गई है। ट्रेनिंग से लौटने के बाद उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय रैबीज कंट्रोल कार्यक्रम के तहत सभी सीएचसी और जिला अस्पताल के कर्मचारियों के साथ पशु पालन विभाग के कर्मचारी को शामिल करके ट्रेनिंग दी जाएगी। 16 फरवरी के बाद ट्रेनिंग देने की योजना है। उन्होंने बताया कि जहां से भी कुत्ते काटने के मामले ज्यादा आएंगे।
वहां की जानकारी पशुपालन विभाग को दी जाएगी। पूरे माह की एंटी रैबीज वैक्सीन लगाने की सूची तैयार होगी। जिसकी एक प्रति पशुपालन विभाग को जाएगी। इसमें इस बात का उल्लेख स्पष्ट होगा कि कहां से ज्यादा कुत्ते काटने के मामले आ रहे हैं। फिर ऐसे स्थान को चिन्हित करके वहां आवारा कुत्तों को लेकर पशुपालन विभाग अपनी कोई व्यवस्था बनाएगा। ताकि और लोगों को वह न काट पाएं।