संभल। कोतवाली क्षेत्र के गांव सैफखां सराय में सरकारी जमीन पर बनी मस्जिद, मजार और शाही इमाम के मकान मामले की सुनवाई डीएम कोर्ट में शुक्रवार को नहीं हो सकी। अब अगली तिथि मिलने पर सुनवाई होगी। शाही इमाम के अधिवक्ता ने तहसीलदार कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए डीएम कोर्ट में अपील की है। इसी अपील पर सुनवाई की जानी है।
सैफखां सराय में मौलाना खुर्शीद मियां की मजार, इसी परिसर में बनी मस्जिद और उनके बेटे व शाही इमाम आफताब हुसैन वारसी व मेहताब हुसैन का मकान बना है। तहसीलदार कोर्ट का आदेश है कि यह सभी निर्माण सरकारी जमीन पर कब्जा कर किया गया है। इसको ध्वस्त करने के आदेश के साथ शाही इमाम और उनके भाई पर सात करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था। इस फैसले के खिलाफ ही डीएम कोर्ट में अपील की है। करीब दो बीघा जमीन पर यह निर्माण कार्य हैं।
वहीं, दूसरी ओर शाही इमाम के मामले की पैरवी कर रहे अधिवक्ता ने कहा कि तहसीलदार कोर्ट से जो फैसला आया है वह पूरी तरह गलत है। आजादी से पहले मस्जिद का निर्माण किया गया था। वक्फ बोर्ड में यह मस्जिद दर्ज है। इसके बाद भी गलत आधार पर बेदखली का आदेश कर दिया गया। जबकि तथ्य ऐसे कोई सामने नहीं आए हैं कि यह जमीन कब्जा की गई है।इस आदेश को ही डीएम कोर्ट में चुनौती दी है। शुक्रवार को सुनवाई हो नहीं सकी। संवाद