बहजोई। धनराशि जारी होने के आठ माह बाद भी ब्लॉक पंवासा के गांव बंजरपुरी के व खिरनी मोइनुद्दीनपुर के परिषदीय विद्यालयों का निर्माण कार्य अभी पूरा नहीं हो सका है। इससे कार्यदायी संस्था की ओर से विद्यालयों के मूल व अतिरिक्त भवनों का निर्माण कार्य कराए जाने को लेकर की जा रही गंभीरता का पता चलता है।
बीती मार्च 2024 में गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण की सीमा में रहे दोनों विद्यालयों का कुछ हिस्सा तोड़ा गया था। जिला समन्वयक (निर्माण) सचिन सक्सेना ने बताया कि गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण को लेकर परिषदीय विद्यालय बंजरपुरी में मूल भवन समेत दो कमरे व दो रसोईघर तोड़े गए थे। वहीं, उच्च प्राथमिक विद्यालय खिरनी मोइनुद्दीनपुर में तीन अतिरिक्त कमरों समेत एक रसोईघर तोड़ा गया था।
इसके बाद गंगा एक्सप्रेसवे की कार्यदायी संस्था की ओर से दोनों ही विद्यालयों में तोड़े गए मूल समेत अतिरिक्त भवनों व रसोईघर आदि के निर्माण के लिए करीब 76 लाख रुपये की धनराशि दी गई थी। इस धनराशि को दोनों विद्यालयों में निर्माण कार्य करने वाली कार्यदायी संस्था ग्रामीण अभियंत्रण विभाग (आरईडी) को उपलब्ध कराया गया था।
डीसी ने बताया कि बंजरपुरी के विद्यालयों में निर्माण कार्य के लिए कार्यदायी संस्था को करीब 48 लाख रुपये उपलब्ध कराया गया था। वहीं, खिरनी मोइनुददीनपुर के विद्यालय में निर्माण कार्य के लिए करीब 29 लाख रुपये दिया गया था।
लाखों रुपये की धनराशि लेने के बावजूद कार्यदायी संस्था आरईडी की ओर से करीब आठ माह बीत जाने के बाद भी बंजरपुरी के विद्यालय में अभी तक मूल भवन समेत दो कमरे व दो रसोईघर का निर्माण कार्य शुरू ही नहीं हो सका है। वहीं, खिरनी मोइनुददीनपुर में अब तक तीन अतिरिक्त कक्षों व एक रसोईघर की तुलना में सिर्फ रसोईघर का निर्माण ही हो सका है। शेष तीन अतिरिक्त कक्षों का निर्माण कार्य फंसा है।
कार्यदायी संस्था आरईडी के एक्सईएन से जानकारी ली गई, तो एक्सईएन का कहना था कि टेंडर प्रक्रिया पूरी न होने पाने के कारण बंजरपुरी के परिषदीय विद्यालय में निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। जल्द टेंडर प्रक्रिया पूरी कराकर निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा। वहीं, खिरनी मोइनुददीनपुर के विद्यालय में भी भी निर्माण कार्य की गति तेज की जाएगी।
सचिन सक्सेना, जिला समन्वयक (निर्माण), जिला संभल