चंदौसी में विधवा महिला को पति का मृत्यु प्रमाण पत्र प्रदान करतीं अधिवक्ता। स्रोत अधिवक्ता
चंदौसी(संभल)। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण संभल स्थित चंदौसी के प्रयासों से एक महिला को 14 वर्षों बाद उसके पति का मृत्यु प्रमाणपत्र प्राप्त हुआ। यह मामला सामाजिक और मानवीय दृष्टिकोण से अत्यंत संवेदनशील था, जिसमें महिला वर्षों से सरकारी योजनाओं व विधिक लाभों से वंचित थी।अधिवक्ता रंजना शर्मा ने बताया कि पीड़िता बबली निवासी ग्राम रुस्तमगढ़ के पति अतलेश का निधन वर्ष 2011 में हो गया था, परंतु विभिन्न प्रशासनिक और दस्तावेजी कारणों से अब तक उनका मृत्यु प्रमाणपत्र जारी नहीं हो पाया था। इसके कारण महिला को विधवा पेंशन, पारिवारिक लाभ योजना, राशन कार्ड में नाम परिवर्तन तथा अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा था।
महिला ने इस संबंध में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जनपद संभल स्थित चंदौसी में पराविधिक स्वयंसेवक के माध्यम से संपर्क किया। प्राधिकरण के प्रभारी सचिव आदित्य सिंह के निर्देशन में त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित किया गया और पराविधिक स्वयंसेवक अतुल कुमार के निरंतर प्रयास से आवश्यक दस्तावेज संकलित करवाकर मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करवाया गया।
उन्होंने बताया कि यह घटना इस बात का उदाहरण है कि न्याय तक पहुंच केवल अदालतों से नहीं, बल्कि विधिक सेवा संस्थाओं के माध्यम से भी संभव है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कमजोर, वंचित व जरूरतमंद वर्गों को निशुल्क विधिक सहायता प्रदान करता है, जिससे वे अपने सांविधानिक अधिकारों की रक्षा कर सकें।