संभल। ईरान और इस्राइल के बीच चल रहे जंग का असर संभल जिले के हस्तशिल्प और चावल निर्यातकों पर पड़ा है। मिडिल ईस्ट से मांग फिलहाल बंद है। अलग-अलग देशों से होल्ड के लिए कह दिया गया है। इससे कारोबार पूरी तरह प्रभावित है। संभल से हस्तशिल्प कारोबार साल में 80 करोड़ रुपये से ज्यादा का होता है। इसी तरह चावल का निर्यात भी 70 से 80 करोड़ तक रहता है। ईरान से सेला चावल की मांग काफी रहती है। ईरान और इस्राइल के बीच हुए तनाव के बाद कोई मांग नहीं है। दूसरे देश भी फिलहाल ऑर्डर किया गया माल होल्ड करने के लिए कह रहे हैं।
संभल में तैयार किए गए हस्तशिल्प आइटम मिडिल ईस्ट में काफी पसंद किए जाते हैं। हड्डी और सींग से बने आइटम की मांग ज्यादा रहती है। संभल हैंडीक्राफ्ट वेलफेयर एसोसिएशन के सचिव कमल कौशल ने बताया कि संभल में हड्डी सींग से कई प्रकार के उत्पाद तैयार किए जाते हैं। इसमें घरेलू सजावट के आइटम भी शामिल हैं। बताया कि मिडिल ईस्ट में सबसे ज्यादा मांग हड्डी और सींग से बने घरेलू सजावटी उत्पाद की रहती है। अब ईरान और इस्राइल में तनाव है तो मिडिल ईस्ट के कारोबारियों ने माल की मांग नहीं की है जो ऑर्डर किए गए थे और वह पहुंचने थे उनको होल्ड करने के लिए कहा है। इससे उन तमाम निर्यातकों का कारोबार प्रभावित हो गया है जो मिडिल ईस्ट में ही निर्यात करते हैं।
चावल निर्यात में आगे बढ़ रहा जिला
दौलत ग्रुप के डायरेक्टर शिवम वार्ष्णेय ने बताया कि चावल का निर्यात जिले से मिडिल ईस्ट के सभी देशों में किया जाता है। चावल की काफी मांग रहती है। इसके चलते ही जिले से 70 से 80 करोड़ का कारोबार होने का अनुमान है। ईरान में सेला चावल ज्यादा पसंद किया जाता है। ईरान और इस्राइल के बीच हुए तनाव को देखते हुए ऑल इंडिया राइस एक्सपोर्टर एसोसिएशन ने ऑर्डर होल्ड करने की सलाह दी है। इसके लिए एसोसिएशन की ओर से पत्र जारी किया गया है। जिसमें कहा है कि ईरान और इसराइल के बीच हालात बेहतर होने तक होल्ड करना ही बेहतर है। निर्यातक ने बताया कि वैसे भी इस समय कोई ऑर्डर मिल नहीं रहा है। कारोबार पर इन दोनों देशों के बीच हुए तनाव का सीधा असर पड़ा है।
मिडिल ईस्ट में यह देश हैं शामिल
बहरीन, मिस्र, ईरान, इराक, इस्राइल, जॉर्डन, कुवैत, लेबनान, ओमान, फिलिस्तीन, कतर, सऊदी अरब, सीरिया, तुर्की, संयुक्त अरब अमीरात और यमन। इन सभी देशों में चावल का निर्यात किया जाता है। हस्तशिल्प की मांग भी रहती है।