संभल। जिले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रस्तावित दौरे से पहले संभल में जिला मुख्यालय बनाए जाने की मांग फिर से तेज हो गई है। इसी बाबत शनिवार को तहसील दिवस में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन विभिन्न संगठनों ने डीएम के माध्यम से दिए। जिसमें जिले का मुख्यालय संभल नगर में बनाए जाने की मांग की गई।
संभल जनपद का गठन साल 2011 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने मुरादाबाद जिले की चंदौसी और संभल व बदायूं की गुन्नौर तहसील को मिलाकर किया था। अभी तक जिले को स्थायी मुख्यालय नहीं मिला है। वर्तमान में बहजोई ब्लॉक में अस्थाई मुख्यालय संचालित है। बहजोई के गांव फत्तेहपुर शरीफनगर में जिला मुख्यालय बनाए जाना प्रस्तावित है। जबकि पुलिस लाइन का निर्माण आनंदपुर में किया जाना है। 24 नवंबर को जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान भड़की हिंसा के बाद मुख्यालय को संभल में बनाए जाने की चर्चाएं तेज हुईं। शासन की टीम ने संभल में जिला मुख्यालय के लिए सर्वे भी किया। हालांकि बीच में मुख्यालय को लेकर मामला शांत हो गया।
अब मुख्यमंत्री के संभावित दौरे से पहले फिर से मुख्यालय संभल में बनाने की मांग तेज हो गई। इसी क्रम में शनिवार को भाजपा नेता संजय सांख्यधर ने जिला मुख्यालय संभल में बनाने की मांग करते हुए मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को दिया। जिसमें पुरानी सांप्रदायिक दंगों का जिक्र करते हुए कहा कि संभल नगर में जिला मुख्यालय बनाना बेहद जरूरी है। वहीं दूसरी ओर अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष सुमित रस्तोगी ने एसडीएम वंदना मिश्रा को ज्ञापन दिया है।
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जिला मुख्यालय की मांग को लेकर प्रदर्शन
वैश्य समाज, हिंदू जागृति मंच और उद्योग व्यापार मंडल की महिला पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से तहसील में पहुंचकर जिला मुख्यालय संभल में बनाए जाने की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। इसके बाद एसडीएम वंदना मिश्रा के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। कहा कि जिला मुख्यालय संभल नगर में बनने से रोजगार के अवसर खुलेंगे। इस दौरान सरिता गुप्ता, गंगा रस्तोगी, आशा गुप्ता, कविता गुप्ता, नेहा रस्तोगी, गुंजा गुप्ता, शीतल गुप्ता, सुनीता यादव, शालिनी रस्तोगी आदि रहीं।
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श्री रामलीला कमेटी ने संभल में मुख्यालय बनाने की मांग उठाई
संभल की श्री रामलीला कमेटी के अध्यक्ष संजय कुमार गुप्ता पोली ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा है। इसमें कहा है कि संभल में हिंदू आबादी अल्पसंख्यक है। हिंदू आबादी को समय-समय पर निशाना बनाया गया है। जिससे जो आबादी है वह असहज महसूस करती है। राजस्व और जनसंख्या के हिसाब से भी संभल में ही जिला मुख्यालय बनाया जाना चाहिए। जिससे जो हिंदू आबादी है उसकी सुरक्षा बढ़ सके। हर दंगे में हिंदू आबादी को पलायन करना पड़ा है। मंदिरों में ताले तक लग गए थे। पुलिस-प्रशासन के प्रयास से मंदिरों में पूजा अर्चना शुरू हुई है। हिंदू आबादी की सुरक्षा के लिए जिला मुख्यालय संभल में बनाया जाना जरूरी है।