चंदौसी(संभल)। मोहल्ला कैथल गेट में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में शुक्रवार को कथा वाचक महंत रमेशदास ने कर्दम ऋषि द्वारा भगवान से वरदान मांगने का प्रसंग सुनाया। कथा वाचक ने बताया कि कर्दम ऋषि ने कठोर तपस्या करके भगवान से वरदान मांगा था कि उन्हें एक ऐसी पत्नी मिले, जो गृहस्थ जीवन और भक्ति के मार्ग पर उनका साथ दे। भगवान के निर्देश पर उनका विवाह स्वयंभुव मनु की पुत्री देवहूति से हुआ। कथा वाचक ने कहा कि कर्दम और देवहूति के यहां पुत्र के रूप में भगवान कपिल का जन्म हुआ। जब ऋषि संन्यास लेकर वन जाने लगे तो देवहूति ने अपने पुत्र से ज्ञान का उपदेश देने का अनुरोध किया। इसके बाद कपिल मुनि ने अपनी माता को सांख्य दर्शन का ज्ञान दिया, जिसमें सृष्टि के 25 तत्वों का वर्णन है। कपिल मुनि के उपदेश को सुनकर और उसका पालन करके देवहूति को मोक्ष प्राप्त हुआ।
कथा के समापन पर आरती कर प्रसाद का वितरण किया गया। इस अवसर पर मौसम गुप्ता, तेजेंद्र पाल चौधरी, डॉ. नरेंद्र, सूर्यांश गुप्ता, माधव गुप्ता, राजेश कुमार, गणेश चौधरी, राहुल एआर, मोहित गुप्ता, देव पंडित, अमन गुप्ता आदि मौजूद रहे। संवाद