असमोली के ओबरी गांव में सफेद हाथी बना ओवरहेड टैंक।
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गर्मी में बिजली और पानी ही पर्याप्त मात्रा में न मिले तो जिंदगी मुश्किल हो जाती है। संभल जिले के लोग भी इसी समस्या से जूझ रहे हैं। मोहल्ला गैरतपुरा और गांव ओबरी में पानी की टंकी तो बनवा दी गई, लेकिन सैकड़ों परिवार एक-एक बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि पाइप लाइन को ठीक कराने का काम किया जा रहा है। वहीं, गंवा और रजपुरा में लोगों को बिजली समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
गैरतपुरा में बसपा कार्यकाल में जल निगम द्वारा 30 लाख क्यूसेक क्षमता के ओवरहेड टैंक का निर्माण कराया। लेकिन दस वर्ष बीत जाने के बाद भी पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी। संपन्न लोग सबमर्सिबल से काम चला रहे है तो वहीं गरीबों व मजदूरों को दूसरों के घरों से पानी लाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। लोगों ने बताया कि गैरतपुरा के ओवरहेड टैंक से मोहल्ला दीपासराय, हिंदपुरा खेड़ा, तिमरदास सराय, खग्गू सराय, हातिमसराय, शहबाजपुरा, रूकनुद्वीन सराय, महमूद खां सराय में पानी की सप्लाई होनी थी।
स्थानीय निवासियों ने अधिकारियों से कई बार शिकायतें कीं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीण पेयजल योजना के अंतर्गत ओबरी गांव में वर्ष 2013 में ढाई करोड़ की लागत से चार लाख लीटर क्षमता का ओवरहेड टैंक बनाया गया लेकिन अधिकारियों की सुस्ती के चलते अभी तक चालू नहीं किया गया है।
शोपीस बने इस ओवरहेड टैंक की रखवाली के लिए विभाग ने एक चौकीदार भी तैनात कर दिया है। ओवरहेड टैंक से जल आपूर्ति के लिए गांव में पाइप लाइन भी डाल दी गई। लेकिन, उसमें पानी नहीं आता। ग्रामीणों के मुताबिक निजी और सरकारी हैंडपंपों से दूषित पानी आ रहा है।