संभल। गर्मी अपना असर दिखाना शुरू कर चुकी है लेकिन क्षेत्र के अमृत सरोवरों की सुध जिम्मेदारों को नहीं है। ज्यादातर सरोवर बदहाल हैं। तमाम सरोवर सूखे पड़े हैं। कहीं बेंच क्षतिग्रस्त है तो कहीं पिकनिक स्पॉट वाले स्वरूप की जगह घासफूस दिख रही है। ऐसे में ग्रामीणों के लिए बेहतर माहौल स्थापित करने की मुहिम दम तोड़ती दिख रही है।
जल संरक्षण करने के लिए सरकार ने जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के 135 तालाबों को अमृत सरोवर का रूप देकर कायाकल्प कराया था। इसमें असमोली के भटपुरा और नगला नीडर समेत कई अमृत सरोवर शामिल हैं। इनको 75वें अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में तैयार कराया गया था और सुंदर दिखे, इसके लिए पिकनिक स्पॉट का रूप दिया गया। लेकिन कुछ ही माह बाद जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते अमृत सरोवर बदहाल हो गए। भीषण गर्मी में अमृत सरोवरों में पानी की बूंद भी नहीं हैं। सौंदर्यीकरण खत्म होने के साथ ही गंदगी के ढेर लगे हैं।
अमृत सरोवर पर लोगों के टहलने के लिए इंटरलाकिंग सड़क, झंडा फहराने का चबूतरा, पानी के लिए नल व छाया के लिए पौधे रोपने का कार्य किया गया था। इसके लिए करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं। बेहतर ढंग से देखरेख न होने से ज्यादातर सरोवरों में न सिर्फ गंदगी की भरमार है बल्कि बड़ी बड़ी जंगली घासें उग आई हैं। बैठने के लिए बनीं ज्यादातर बेंच क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं।
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सीन-एक
असमोली ब्लॉक क्षेत्र के गांव भटपुरा में अमृत सरोवर तालाब किनारे उपले लगे मिले। बैठने के लिए लगी बैंच गंदगी और घास से घिरी है। जबकि कुछ समय पहले ही लाखों रुपये खर्च कर इसकी सूरत संवारी गई थी। इसके बाद भी बदहाली बरकरार है।
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सीन-दो
नगला नीडर में अमृत सरोवर बदहाल हैं। मौके पर झाड़ियां उग आई हैं। पाथ-वे पर ऊपले पाथे जा रहे हैं। लाखों रुपये खर्च करने के बाद इसे संवारा गया था, ताकि जल संचय हो सकें लेकिन जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते यह बदहाली का शिकार हो गया। अब पहले जैसी स्थिति हो गई है। इससे लोगों में रोष है।
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यह बोले लोग
बेहतर ढंग से साफ सफाई न होने से सरोवर में बड़ी-बड़ी जंगली घासें उग आई हैं। वहां लगे पेड़ सूख गए हैं। बेंच क्षतिग्रस्त हो गई हैं। यही कारण है कि अमृत सरोवर की तरफ रुख करना अच्छा नहीं लगता है। पानी भरवाते हुए व्यवस्थाएं दुरुस्त कराई जाएं, ताकि अच्छा माहौल मिल सकें।
प्रशांत कुमार, भटपुरा
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अमृत सरोवर तालाब को लेकर शासन की जो मंशा है, उसके अनुरुप काम कराने की जिम्मेदारी प्रशासन को समझनी चाहिए। इससे न सिर्फ लोग लाभांवित होंगे, बल्कि प्राकृतिक सौंदर्य भी बढ़ेगा।
इंजीनियर भूपेंद्र सिंह, भटपुरा
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तालाब के चारों तरफ गंदगी है। गर्मी का समय है। बच्चे इसके मैदान में क्रिकेट खेलते हैं तो सांप व अन्य जहरीले जीवों के काटने का डर बना रहता है। इसकी सफाई होनी चाहिए और पानी आदि का इंतजाम कराया जाना चाहिए।
छत्रपाल सिंह, नगला नीडर
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काफी समय से अमृत सरोवर की न साफ सफाई हुई और न ही कोई सौंदर्यीकरण के काम हुए। छोटे बच्चे इस अमृत सरोवर तालाब में क्रिकेट खेलते रहते हैं। जिम्मेदारों को इस पर ध्यान देना चाहिए।
बनवारी सिंह, नगला नीडर