संभल। हस्तशिल्प कारोबार को रफ्तार देने के लिए बना कॉमन फैसलिटी सेंटर (सीएफसी) का संचालन अब रफ्तार भरने लगा है। 20 घंटे बिजली आपूर्ति मिलने से यह रफ्तार बढ़ी है। संभल हैंडीक्राफ्ट वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से संभल शहरी क्षेत्र की बिजली आपूर्ति के लिए मांग की थी और एस्टीमेट की धनराशि दी थी। इसके बाद बिजली विभाग ने शहरी क्षेत्र से कनेक्शन कर दिया है। अब हस्तशिल्प के कार्य मुरादाबाद जाकर कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
सीएफसी 9.9 करोड़ रुपये में तैयार हुआ है। तीन जनवरी 2024 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उद्घाटन किया था। इस सीएफसी में शासकीय धन की 90 प्रतिशत धनराशि लगी है। इस सीएफसी के सही संचालन से हस्तशिल्प कारोबार को पंख लग जाएंगे। बिजली विभाग के एक्सईएन नवीन गौतम ने बताया कि कनेक्शन हो गया है। अब आपूर्ति सही मिल रही है। इसकी जानकारी की गई है।
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इटली की आधुनिक मशीनों से लैस है सीएफसी
सीएफसी में इटली की आधुनिक मशीनें लगी हैं। लेकिन पर्याप्त बिजली नहीं मिलने से इन मशीनों का सीएफसी से लाभ मिल नहीं पा रहा है। इसमें सींग से तैयार होने वाले बटन की फिनिशिंग की जाएगी। जिससे निर्यात भी बढ़ जाएगा। हस्तशिल्प से करीब पांच हजार लोग जुड़े हैं। इसमें कारोबारी और कारीगर शामिल हैं।
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लकड़ी सुखाने और डिजाइन देने का काम होगा
संभल में सींग-हड्डी के उत्पादों के साथ लकड़ी के उत्पाद बनाए जाते हैं। लकड़ी से बने हस्तशिल्प उत्पादों को बनाने के लिए लकड़ी को सुखाया जाता है। इसके बाद डिजाइन कर आकर्षक बनाया जाता है। इसके लिए निर्यातकों को मुरादाबाद जाना पड़ता था। यदि सीएफसी में पर्याप्त बिजली आपूर्ति मिलने लगेगी तो यह काम सीएफसी में ही किया जाएगा। अभी तक यह सुविधा मिल नहीं पा रही है।
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संभल डिवीजन से आपूर्ति मिलनी शुरू हो गई है। तीन दिन पहले कनेक्शन हो गया था। अब सीएफसी का संचालन सही हो पा रहा है। 20 घंटे आपूर्ति लगातार मिलेगी तो कारोबार को भी पंख लग जाएंगे।
ताहिर सलामी, अध्यक्ष, हैंडीक्राफ्ट वेलफेयर एसोसिएशन,संभल