अतिक्रमण हटाओ अभियान की टीम में रविवार शाम रविवार शाम उस समय खलबली मच गई, जब पुराने पालिका कार्यालय के बाहर की दुकान में उसका संचालक परिवार के साथ बैठ गया। वह दुकान ध्वस्त न करने की बात पर अड़ गया। दुकानदार की ईओ से नोकझोंक भी हुई।
करीब डेढ़ घंटे हंगामे का माहौल रहा। हालांकि, ईओ के आश्वासन के बाद परिवार मान गया। इसके बाद कई दुकानें तोड़ी गईं। पुरानी नगर पालिका कार्यालय के बाहर पालिका की तीन दुकानें हैं। मोहल्ला सराय खाम निवासी मकसूद अहमद पुत्र नूर ने भी मोहम्मद फव्वारा चौक पर पुरानी पालिका कार्यालय के बाहर बनी दुकान में से एक को किराये पर लिया है। उसमें वह नूर बुक बाइडिंग के नाम से दुकान चला रहे हैं। दो दिन पहले प्रशासन ने अतिक्रमण की जद में आईं इन तीनों दुकानों को खाली करा दिया था। जेसीबी से तीनों के शटर भी उखाड़ दिए थे।
रविवार शाम करीब सात बजे दुकानदार मकसूद अहमद परिवार की महिलाओं के साथ दुकान पर पहुंचे और दुकान का शटर खुद ही ठीक करके परिवार के साथ वहीं बैठ गए। पालिका प्रशासन को इसकी भनक लगी तो ईओ कृष्ण कुमार सोनकर पुलिस व जेसीबी के साथ पहुंचे और दुकान को ध्वस्त करने के आदेश दिए। लेकिन परिवार दुकान से नहीं हिला। नोकझोंक भी हुई। दुकानदार मकसूद का कहना है कि वह यहां पालिका की दुकान में 70 साल से किरायेदार हैं। उन्हें किसी प्रकार का नोटिस नहीं दिया गया। ईओ ने पालिका गेट पर स्थित तीनों दुकानदारों को अन्य स्थान पर दुकान की व्यवस्था कराने का भरोसा दिलाया। तब परिवार वहां से हटा। इसके बाद जेसीबी से तीनों दुकानों को ध्वस्त करने की कार्रवाई की गई।