संभल। पहली जुलाई से जिले में स्कूल चलो अभियान का दूसरा चरण शुरू किया जा रहा है। यह अभियान 15 जुलाई तक चलेगा। एक चरण पहली अप्रैल से 15 अप्रैल तक चल चुका है। जिसमें 22278 बच्चों के प्रवेश कराए गए थे। अब दूसरे चरण में कितने प्रवेश कराए जाएंगे। यह तो अभियान पूरा होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। बेसिक शिक्षा विभाग का दावा है कि जागरूकता अभियान के साथ ही घर-घर जाकर प्रेरित किया जाएगा।
इसके अलावा पहली जुलाई से परिषदीय विद्यालयों को जोड़ने की प्रक्रिया को भी आगे बढ़ाया जाएगा। जो विद्यालय नजदीक के विद्यालयों से जोड़ दिए गए हैं, वहां बच्चों के साथ शिक्षक भी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।
जिले में 1289 परिषदीय विद्यालय हैं। इसमें 107 विद्यालय ऐसे हैं जिनमें छात्र-छात्राओं की संख्या कम है। इसलिए इन विद्यालयों को नजदीक के 89 परिषदीय विद्यालयों से जोड़ा जाना है। इन 107 विद्यालयों में 4000 छात्र-छात्राएं व 250 शिक्षक हैं। इसमें 15 परिषदीय विद्यालय जोड़े जा चुके हैं। इन 15 विद्यालयों में 400 छात्र-छात्राएं और 40 शिक्षक हैं। अब 92 विद्यालयों की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की कार्रवाई पहली जुलाई से होगी। हालांकि उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ इसका विरोध कर रहा है। लेकिन इस विरोध का असर अभी तक जिले में दिखा नहीं है।
बीएसए अलका शर्मा का कहना है कि महानिदेशक स्कूल शिक्षा व राज्य परियोजना निदेशक का पत्र मिलने के बाद जिलाधिकारी की स्वीकृति ली गई।इसके बाद प्रथम चरण के दौरान कम छात्र संख्या वाले 15 विद्यालयों को नजदीक के विद्यालयों से जोड़ा गया है। अन्य 92 विद्यालयों की प्रक्रिया पहली जुलाई से शुरू की जाएगी। स्कूल चलो अभियान भी पहली जुलाई से शुरू किया जाएगा। बताया कि पिछले सत्र में 1.14 लाख बच्चे पंजीकृत थे। अब 1.37 लाख हो गए हैं। दूसरे चरण के बाद यह संख्या और बढ़ जाएगी।
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विद्यालयों को बंद करने का दबाव बना रही सरकार : जिलाध्यक्ष
सरकार मानक को तो पूरा कर नहीं रही, बल्कि विद्यालयों को बंद करने का दबाव बना रही है। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ इसका विरोध कर रहा है और धरना प्रदर्शन के लिए भी बाध्य होगा। यह कहना है कि उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अंजीव कुमार श्रोत्रिय का। उन्होंने कहा कि शिक्षा के अधिकार अधिनियम के अनुसार हर एक किलोमीटर पर प्राइमरी स्कूल और हर तीन किलोमीटर पर जूनियर स्कूल खोले गए थे। प्राइमरी में 30 बच्चों पर एक शिक्षक व जूनियर में 35 बच्चों पर एक शिक्षक का मानक है। सरकार इस मानक को तो पूरा कर नहीं रही है।
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स्कूल चलो अभियान का दूसरा चरण पहली जुलाई से शुरू हो रहा है। यह अभियान 15 जुलाई तक चलेगा। ज्यादा से ज्यादा बच्चों के प्रवेश के लिए प्रयास किए जाने हैं। कम छात्र-छात्राओं की संख्या वाले विद्यालयों को नजदीक के विद्यालय से जोड़ने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ेगी।
-अलका शर्मा, बीएसए, संभल