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मौसम के उतार-चढ़ाव से बढ़ा बीमारियों का खतरा, जिला अस्पताल की ओपीडी सात सौ पार

सार

मौसम के उतार-चढ़ाव से बढ़ा बीमारियों का खतरा, जिला अस्पताल की ओपीडी सात सौ पारसंभल।बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. रामलाल यादव ने बताया कि मौसम बदलने से वायरल बुखार का प्रकोप बढ़ा है।इनमें सबसे अधिक त्वचा रोगियों की संख्या बढ़ी है।
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मौसम के उतार-चढ़ाव से बढ़ा बीमारियों का खतरा, जिला अस्पताल की ओपीडी सात सौ पार
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संभल। बारिश की रिमझिम फुहारों से मौसम में बदलाव आया है। कई तरह की बीमारियां फैल रही हैं। बुखार, जुकाम और एलर्जी के मरीज बढ़ गए हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में शनिवार को 770 लोग पहुंचे और पर्चा बनवाकर अपने आप को दिखाया। सबसे ज्यादा खुजली के मरीज मिले।
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दरअसल, मौसम में उतार-चढ़ाव से वायरल बुखार के मरीज बढ़ गए हैं। अस्पतालों में रोज तेज बुखार और खांसी के मरीज पहुंच रहे हैं। बड़ों के साथ बच्चे भी वायरल बुखार से ग्रसित हो रहे हैं। शनिवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 770 मरीजों ने पंजीकरण कराया। इसमें 25 प्रतिशत मरीज एलर्जी के शामिल रहे। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. रामलाल यादव ने बताया कि मौसम बदलने से वायरल बुखार का प्रकोप बढ़ा है। ओपीडी में सौ बच्चे रोज आ रहे हैं। इस मौसम में बच्चों का इम्युन सिस्टम कमजोर हो जाता है। इनमें सबसे अधिक त्वचा रोगियों की संख्या बढ़ी है। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. चमन प्रकाश ने बताया कि त्वचा रोग गर्मी और रिमझिम बरसात से बढ़ जाते हैं। साथ ही त्वचा रोगियों में फंगल इंफेक्शन वाले मरीज हैं, जिनको दाद आदि की समस्या है। फंगल इंफेक्शन शरीर के पसीना रुकने वाले स्थानों पर अधिक होता है, जैसे बगल, जांघ, छाती का निचला भाग और उंगलियों के बीच का हिस्सा। मरीजों को उंगलियों के बीच, चेहरे पर या शरीर के अन्य जगहों पर दाने भी बन जाते हैं। बताया कि त्वचा रोग से बचने के लिए चिकित्सक को दिखाएं। शरीर के पसीना आने वाले स्थान को सूखा रखें। हल्के कपड़े पहने। साफ सफाई का विशेष ध्यान रखें। इसके अलावा वायरल बुखार जैसे खांसी, जुकाम आदि के मरीज भी पहुंच रहे हैं।
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