बहजोई (संभल)। भीख मांगने की प्रवृत्ति से बढ़ते सामाजिक व मानवीय संकट को ध्यान में रखते हुए भीख से सीख की ओर कार्यक्रम की शुरूआत राज्यपाल की ओर से गई। बुधवार को इसकी जानकारी डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने दी। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम का उददेश्य भीख मांगने वाले बच्चे, युवाओं व महिलाओं को शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाना है।
उन्होंने बताया कि इसको लेकर जिला प्रशासन ने उम्मीद संस्था व वीनस शुगर मिल के माध्यम से भीख से सीख की ओर कार्यक्रम के तहत चंदौसी के 45, बहजोई के 70, बबराला व गुन्नौर के 13, संभल के 18 परिवार चिह्नित किए हैं। इन परिवारों में 74 बच्चे 6 से 15 वर्ष के बीच की आयु के हैं। जबकि 32 बच्चे 6 वर्ष से कम आयु के हैं। इनके लिए उम्मीद संस्था की ओर से उनके ही क्षेत्र में अनौपचारिक शिक्षा केंद्रों को प्रारंभ किया गया है। यहां नियमित रूप से शिक्षा के साथ-साथ रचनात्मक गतिविधियां एवं जीवन-कौशल भी ग्रहण कराया जाएगा। डीएम ने बताया कि भीख से सीख की ओर कार्यक्रम के कुशल संचालन के लिए जिला टास्क फोर्स का गठन किया है।