सरायतरीन(संभल)। बहजोई थाना क्षेत्र के गांव राजपुर में रविवार सुबह भगवान परशुराम जन्मोत्सव पर प्रस्तावित शोभायात्रा और मूर्ति स्थापना का कार्यक्रम पुलिस ने रोक दिया। बिना अनुमति कार्यक्रम आयोजित किए जाने और नई परंपरा शुरू करने की शिकायत पर पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचा और एहतियातन गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
राजपुर निवासी पंकज शर्मा के अनुसार, परशुराम चौक पर शनिवार को शोभायात्रा और मूर्ति स्थापना का कार्यक्रम प्रस्तावित था, लेकिन मौके पर पहुंची पुलिस ने इसे रोक दिया। सूचना पर चंदौसी की एसडीएम नीतू रानी भी पहुंचीं। उन्होंने दोनों पक्षों से जानकारी ली। बतया कि किसी ने खुला विरोध नहीं जताया, लेकिन अनुमति न होने के कारण कार्यक्रम पर रोक लगा दी गई। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए।
पंकज शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम की अनुमति के लिए आवेदन किया गया था, लेकिन अनुमति नहीं मिल सकी। वहीं दूसरे पक्ष का कहना है कि बिना अनुमति शोभायात्रा और मूर्ति स्थापना से गांव का माहौल बिगड़ सकता था, इसलिए पुलिस से शिकायत की गई।
क्राइम इंस्पेक्टर अजीत सिंह ने पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर भीड़ को हटाया और आयोजकों से अनुमति के दस्तावेज मांगे, लेकिन कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके। एसडीएम नीतू रानी ने ग्रामीणों को समझाकर शांत किया और आयोजकों को बिना अनुमति कार्यक्रम न करने की चेतावनी दी।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2023 में भी इसी स्थान पर बिना अनुमति मूर्ति स्थापना और शोभायात्रा को लेकर शिकायत हुई थी। उस समय भी पुलिस ने हस्तक्षेप किया था। यहां परंपरागत रूप से भगवान परशुराम के चित्र पर माल्यार्पण, दीप प्रज्वलन और केक काटने का कार्यक्रम किया जाता रहा है।
कोट
गांव राजपुर में बिना अनुमति के परशुराम जन्मोत्सव को लेकर मूर्ति स्थापना और शोभायात्रा निकालने की शिकायत मिली थी, मौके पर जाकर दोनों पक्षों से बातचीत की गई। गांव में नई परंपरा का कोई कार्य नहीं किया जाएगा। शांति व्यवस्था के लिए गांव गांव में पुलिस तैनात कर दी गई है।
-नीतू रानी, एसडीएम चंदौसी