संभल। किसी प्रधानमंत्री का संभल जिले में पहला दौरा होने जा रहा है। पीएम नरेंद्र मोदी के श्री कल्कि धाम के शिलान्यास समारोह में शामिल होने का असर लोकसभा चुनाव में भी दिखाई देगा। पीएम के आने से संभल लोकसभा सीट पर भाजपा के पक्ष में माहौल बन सकता है। अभी यहां सपा से डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क सांसद हैं और सपा ने 2024 के चुनाव के लिए डॉ. बर्क को प्रत्याशी भी घोषित कर दिया है।
संभल लोकसभा सीट का परिसीमन वर्ष 2009 में हुआ था। बसपा के टिकट पर वर्ष 2009 में डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क संभल से सांसद बने थे। 2014 में भाजपा प्रत्याशी सत्यपाल सैनी ने डॉ. बर्क को हराकर जीत हासिल की थी। वर्ष 2019 में गठबंधन प्रत्याशी के रूप में डाॅ. शफीकुर्रहमान बर्क मैदान में उतरे और उन्हें जीत मिली। 2019 में सपा, बसपा और रालोद का गठबंधन था। डाॅ. बर्क ने भाजपा प्रत्याशी परमेश्वर लाल सैनी को करीब पौने दो लाख वोटों से हराया था।
2024 लोकसभा चुनाव के लिए सपा ने डॉ. बर्क को ही प्रत्याशी घोषित कर दिया है। इस बार सपा का बसपा के साथ गठंबधन नहीं है। बसपा ने अकेले ही चुनाव लड़ने का एलान किया है। सपा-कांग्रेस के साथ इंडी गठबंधन में शामिल है। भाजपा ने भी चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी के संभल आने से भाजपा की दावेदारी मजबूत हो जाएगी।
2014 में संभल से कांग्रेस के टिकट पर लड़े थे प्रमोद कृष्णम
वर्ष 2014 में संभल लोकसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर आचार्य प्रमोद कृष्णम थे। हालांकि, मुख्य मुकाबला भाजपा और सपा के बीच हुआ था। जिसमें करीब पांच हजार वोट से भाजपा प्रत्याशी सत्यपाल सैनी को जीत मिली थी। इस चुनाव में किसी भी दल का गठबंधन नहीं था। भाजपा, सपा, बसपा और कांग्रेस ने अपने-अपने प्रत्याशी उतारे थे। इसका लाभ भाजपा प्रत्याशी को मिला था। संभल सीट पर वापसी करने के लिए भाजपा पूरा जोर लगा रही है। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी का आना कार्यकर्ताओं में उत्साह भरेगा।