संभल। हजरतनगर गढ़ी गांव में शनिवार को रेलवे ट्रैक से मोहर्रम का जुलूस नहीं निकलने दिया गया। यह कदम प्रशासन ने रेलवे की ओवरहेड इलेक्ट्रीसिटी (ओएचई) को देखते हुए लिया। रेलवे प्रशासन ने भी लाइन पार कराने से इनकार कर दिया।
आरपीएफ के जवान मुस्तैद किए गए और जिस रास्ते से जुलूस निकाला जाना था। वहां गड्ढे खुदवा दिए गए। दूसरे रास्ते पर बेरिकेडिंग भी कर दी गई। इसके बाद एसडीएम सुनील कुमार और सीओ जितेंद्र सिंह ने ग्रामीणों से वार्ता की गई। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में कर्बला नहीं है। इसलिए जुलूस को सिरसी की कर्बला तक ले जाया जाता है। वहीं दफन किए जाते हैं।
इसके बाद प्रशासन ने नई कर्बला बनाई जाने के लिए हिंदू और मुस्लिम पक्ष से वार्ता की। जिसमें तय हुआ कि गांव हजरतनगर गढ़ी निवासी अमीर हुसैन अपनी दो बीघा जमीन कर्बला के लिए देने को तैयार हैं। हिंद समुदाय के लोगों ने भी इस पर सहमति जता दी। जिसके बाद ताजिए गांव की नई कर्बला में दफन किए जाने का सिलसिला शुरू हुआ। गांव का यह जुलूस तीन इमामबाड़ों की देखरेख में निकाला जाता है। इसमें अजमल, अबरार और कासम अपने अपने इमामबाड़े के सदर हैं। इन तीनों ने भी प्रशासन और ग्रामीणों के निर्णय पर सहमति जताई।