संभल। जामा मस्जिद ऐतिहासिक धरोहर होने के साथ करोड़ों रुपये की संपत्ति की भी मालिक है। कृषि भूमि भी मस्जिद के नाम है। इस संपत्ति का ब्योरा कमेटी के पास रहता है। किराया भी कमेटी के पास ही जमा किया जाता है।
संभल शहर में दुकानें और कृषि भूमि मस्जिद के नाम है। इसका सालाना किराया कमेटी के पास जमा किया जाता है। दुकानों का किराया महीने में मिलता है। पूरी कमेटी इसका हिसाब रखती है। वर्ष में इसका हिसाब भी किया जाता है। जामा मस्जिद कमेटी के सदर ने बताया कि कमेटी के सभी सदस्यों के पास जिम्मेदारी है। मस्जिद की संपत्ति का सारा हिसाब रखा जाता है। आय और व्यय का मिलान किया जाता है। लोगों का मानना है कि कई करोड़ की संपत्ति जामा मस्जिद की है। काफी संपत्ति तो मस्जिद के आसपास ही स्थित है।