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Sambhal News: 498 वर्ष पुरानी है ऐतिहासिक इमारत, पुरातत्व विभाग का है 104 वर्ष से संरक्षण

Thu, 21 Nov 2024 02:42 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
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संभल की जामा म​स्जिद।  - फोटो : संभल
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संभल। जामा मस्जिद पुरातत्व विभाग के अनुसार 498 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक धरोहर है। इसकी निगरानी भी 104 वर्ष से पुरातत्व विभाग की ओर से की जा रही है। लगातार टीम सर्वे करने के लिए भी आती है। बिना अनुमति के कोई कार्य किया नहीं जा सकता है।
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संभल जामा मस्जिद का उल्लेख बाबर नामा में मिलता है। 1526 में मीर बेग ने इस मस्जिद का निर्माण कराया था। बाबर के आदेश पर इसका निर्माण किया गया था। उस समय बाबर ने हुमायूं को संभल जागीर दी थी। हालांकि बाद में हुमायूं के बीमार होने के बाद वह संभल जागीर से लौट गया था। वहीं दूसरी ओर हिंदू पक्ष का वाद में कहना है कि मंदिर को खंडित कर मस्जिद का निर्माण किया गया। उस समय बाबर के इशारे पर ऐसा किया गया। आइन ए अकबरी में भी इस मस्जिद का उल्लेख किया गया है।

भगवान कल्कि का अवतार संभल में होगा, स्कंद पुराण में है उल्लेख
स्कंद पुराण हिन्दू धर्म के अठारह प्रमुख पुराणों में सबसे बड़ा पुराण है। इस पुराण में उल्लेख है कि कलियुग में भगवान कल्कि का अवतार संभल में होगा। मंडलीय गजेटियर 1913 में भगवान विष्णु के प्रसिद्ध मंदिर होने का भी जिक्र है। इसमें मोहल्ला कोटपूर्वी के नजदीक दर्शाया गया है। साथ ही उल्लेख किया गया है कि अब मंदिर अस्तित्व में नहीं है। वाद में गजेटियर का भी उल्लेख किया गया है।
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मस्जिद से एक ईंट जांच के लिए ले जाने की चर्चा


सर्वे कमीशन ने मस्जिद की पुरानी दीवार से एक ईंट का टुकड़ा भी जांच के लिए लिया है। यह चर्चा शहर में बनी हुई है। चर्चा है कि इस ईंट की जांच से इसकी सही जानकारी सामने आ सकती है कि कितने वर्ष पहले यह ईंट लगी थी। पूरी मस्जिद की वीडियोग्राफी की समीक्षा भी की जा रही है। दीवारों पर जो साइन हैं उनकी भी जानकारी जुटाई जा रही है। हालांकि जामा मस्जिद के सदर जफर अली एडवोकेट ने कहा कि वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी तो की गई है लेकिन ईंट नहीं ले गए हैं। यह चर्चा गलत चल रही है।
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