बबराला। ढोल-नगाड़ों की गूंज और देवी-देवताओं की मनमोहक झांकियों के बीच काली अखाड़ा निकाला गया। शोभायात्रा में बुलडोजर पर सवार मां दुर्गा की भव्य झांकी ने लोगों का ध्यान खींचा। करीब एक दर्जन स्वचालित झांकियों ने धार्मिक छटा बिखेरी, जिसे देखने के लिए देर रात तक भीड़ जुटी रही।
काली अखाड़े का शुभारंभ सोमवार शाम करीब साढ़े छह बजे पुराने रामलीला मैदान में काली पूजन के साथ हुआ। कृष्ण मुरारी गौड़ ने मुख्य काली का स्वरूप धारण किया। अखाड़े में तीन काली स्वरूपों ने हैरतअंगेज करतब दिखाकर दर्शकों को रोमांचित किया। कलाकारों की आकर्षक वेशभूषा और उनके प्रदर्शन को देखने के लिए लोग रास्तों में रुके।
शोभायात्रा में बजरंगबली, शिव परिवार, राधा-कृष्ण, बालाजी और खाटू श्यामजी समेत करीब एक दर्जन स्वचालित झांकियां शामिल थीं। इन झांकियों के माध्यम से धार्मिक प्रसंगों का मनमोहक प्रदर्शन किया गया। नगर में जगह-जगह लोगों ने शोभायात्रा का स्वागत किया और देवी-देवताओं के दर्शन किए। काली अखाड़ा पुराने रामलीला मैदान से शुरू होकर विभिन्न मार्गों से गुजरा।
देर रात शोभायात्रा वापस पुराने रामलीला मैदान पहुंची, जहां इसका समापन हुआ। इस दौरान अध्यक्ष हर्षवर्धन वार्ष्णेय और सपा युवा नेता अमित यादव सहित बड़ी संख्या में नगरवासी मौजूद रहे।
शोभायात्रा में बुलडोजर पर सवार मां दुर्गा की झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। यह झांकी लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई थी। इसके अलावा, बजरंगबली, शिव परिवार और राधा-कृष्ण जैसी स्वचालित झांकियां भी शामिल थीं। इन झांकियों ने पूरे नगर में धार्मिक माहौल बना दिया।
सुरक्षा व्यवस्था रही मुस्तैद
काली अखाड़े के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन मुस्तैद रहा। पुलिस अधीक्षक अंकित मिश्रा की निगरानी में पुलिस बल तैनात किया गया। बबराला, गुन्नौर और रजपुरा थानों का पुलिस बल शोभायात्रा के मार्गों पर तैनात था। पुलिसकर्मियों ने लगातार निगरानी रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था संभाली। पुलिस की मुस्तैदी के कारण काली अखाड़ा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।