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Sambhal News: 271 दिन में न्यायिक जांच आयोग ने सौंपी रिपोर्ट, बवाल से लेकर पलायन तक का जिक्र

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संभल। जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुए बवाल के बाद 29 नवंबर को गठित किए गए न्यायिक जांच आयोग ने 271 दिन बाद सीएम योगी आदित्यनाथ को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। जांच के दौरान आयोग ने लगभग 100 से ज्यादा लोगों के बयान दर्ज किए। सूत्रों का कहना है कि इस रिपोर्ट में बवाल की साजिश रचने से लेकर बवाल के दौरान सक्रियता और कमजोरी का भी उल्लेख किया गया है। आजादी के बाद जो दंगे और बवाल हुए उनका भी उल्लेख है। सांसद और जामा मस्जिद कमेटी के सदर बवाल की साजिश के आरोप में पहले से घिरे हैं। सूत्रों का कहना है कि न्यायिक जांच आयोग ने इसका भी उल्लेख अपनी रिपोर्ट में किया है।
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24 नवंबर को हुए बवाल के बाद 29 नवंबर को शासन की ओर से हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज देवेंद्र अरोड़ा की अध्यक्षता में इसका गठन किया गया था। इसमें सेवानिवृत्त आईपीएस एके जैन और आईएएस अमित प्रसाद सदस्य के रूप में शामिल किए गए। आयोग के अध्यक्ष व सदस्यों द्वारा पहला दौरा संभल का पहली दिसंबर को किया गया था। पहले दौरे के दौरान उन इलाके का भ्रमण किया था जहां बवाल हुआ था। इसके बाद तीन अन्य दौरे करने के लिए भी आयोग के सदस्य पहुंचे। उन्होंने 100 से ज्यादा लोगाें के बयान दर्ज किए थे। इसमें सरकारी अधिकारी व कर्मचारियों के साथ आम लोग भी शामिल थे। आयोग के सामने संभल में हुए अलग-अलग समय के दंगे की भी जांच की मांग उठी थी। जिसके बाद पुलिस-प्रशासन के द्वारा छानबीन भी शुरू की गई थी।
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बवाल की साजिश रचने, बवाल काबू करने और लापरवाही होने का भी रिपोर्ट में जिक्र

आयोग द्वारा 271 दिन में यह रिपोर्ट पेश की गई है। इसमें 19 नवंबर को जामा मस्जिद सर्वे के आदेश से लेकर 24 नवंबर को हुए बवाल के सभी तथ्य रिपोर्ट में शामिल किए गए हैं। सूत्रों का कहना है कि इसमें आयोग द्वारा उल्लेख किया गया है कि बवाल सुनियोजित था। भीड़ को एकत्र किया गया थ। तभी शहर के हालात बिगड़े। पुलिस ने किस तरह से काबू पाया और कहां चूक रही। इन सभी बिंदुओं को भी शामिल किया गया है।
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आजादी के बाद अलग-अलग समय में 15 बार सुलगा संभल, हिंदू पलायन कर गए

सूत्रों का कहना है कि रिपोर्ट में हिंदू आबादी के पलायन का भी उल्लेख है। क्योंकि जब भी आयोग के सदस्य संभल दौरे पर पहुंचे तो हिंदू समाज से जुड़े लोग आयोग के सामने पहुंचे। जहां उन्होंने पूर्व में अलग-अलग समय में हुए दंगों की जांच कराने और दोषियों को सजा दिलाने की मांग की थी। इन मांगों को का भी रिपोर्ट में जिक्र किया गया है। आजादी के बाद से वर्ष 2024 तक हुए दंगे और बवाल से हिंदू आबादी किस तरह प्रभावित हुई और पलायन तक करने के लिए मजबूर हुई। सूत्रों का कहना है कि 1978, 1986, 1992 के दंगों से जुड़े मुकदमों की जानकारी भी रिपोर्ट में शामिल की गई है।
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न्यायिक जांच आयोग के दौरे कब हुए और क्या हुआ

पहला दौरा-
1 दिसंबर 2024
बवाल के इलाके का निरीक्षण और शाही जामा मस्जिद का निरीक्षण किया।

दूसरा दौरा-
21 जनवरी 2025
आयोग द्वारा 51 लोगों के बयान दर्ज किए गए

तीसरा दौरा-
30 जनवरी 2025
सरकारी कर्मचारियों व अधिकारियों के बयान दर्ज किए

चौथा दौरा-
28 फरवरी 2025
45 लोगों के बयान दर्ज किए। इसमें डीएम और एसडीएम भी शामिल रहे।
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इन 15 दंगों से प्रभावित हुआ संभल
संभल में 1947, 1948, 1953, 1958, 1962, 1976, 1978, 1980, 1990, 1992, 1995, 2001 के दंगे व 2019 और 2024 के बवाल से शहर की आबादी प्रभावित हुई है।
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