संभल। संभल के मुख्य बाजार में विकसित कराए गए सद्भावना पार्क और चक्की के पाट का लोकार्पण जल्द होगा। करीब 80 फीसदी काम पूरा हो चुका है। तेजी से यह काम हो रहा है। इसके साथ ही पालिका ने चतुर्मुख कूप का निर्माण कराया है। यह भी जल्द ही पूरा हो जाएगा।
दरअसल, बीते वर्ष मूसलाधार बारिश के दौरान जर्जर हो चुका ऐतिहासिक चक्की का पाट दीवार के साथ गिर गया था। इस चक्की के पाट को करीब एक हजार वर्ष पुराना बताया जाता है।
ऐसा माना जाता है कि संभल जब पृथ्वीराज चौहान की राजधानी थी। तब कन्नौज के नरेश जयचंद की बेटी संयोगिता की तलाश के दौरान आल्हा-ऊदल ने खिड़की से झांकने के लिए कला का प्रदर्शन करते हुए एक छलांग में कील ठोंकी और फिर दूसरी छलांग में चक्की का पाट टांग दिया था। तब से यह चक्की का पाट संभल की ऐतिहासिक धरोहरों में से एक माना जाता है।
अब नए तरीके से पूरा ढांचा कराया जा रहा है, जो ढांचा तैयार हो रहा है। उसमें नई तकनीक के साथ पुरानी यादों की भी झलक भी है।
ईओ डॉ. मणिभूषण तिवारी का कहना है कि पालिका क्षेत्र में चक्की का पाट और सद्भावना पार्क का निर्माण पूरी होने की ओर है। वहीं, चतुर्मुख कूप का भी कार्य तेजी से चल रहा है। यह भी जल्द ही पूरा हो जाएगा।